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भिंड मर्डर मिस्ट्री: गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे लिव-इन पार्टनर पर हत्या का शक गहराया, कहां है स्नेहलता का शव?

Thu, 15 Oct 2026 10:58 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड

सार

8 अक्टूबर को कानपुर जाने के बाद नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता का कोई पता नहीं चला। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे उसके लिव-इन पार्टनर सत्यप्रकाश पर ही हत्या का आरोप सामने आया है। पूछताछ में शव पचनदा की नदी में फेंकने की बात सामने आई है।
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नर्सिंग ऑफिसर की हत्या के आरोप में लिव इन पार्टनर पर शक गहराया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कभी दो लोगों के बीच शुरू हुआ रिश्ता, वक्त के साथ एक परिवार में बदल गया। दोनों साथ रहने लगे, उनके घर एक बच्चे की किलकारी भी गूंजी लेकिन अब इसी रिश्ते की कहानी एक गंभीर आपराधिक मामले में बदल गई है। नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता लापता है। उसके परिवार और परिचितों के लिए सबसे बड़ा सवाल है वह आखिर गई कहां? वहीं पुलिस की जांच उस शख्स तक पहुंच गई है, जो खुद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा था। इस मामले में सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव पर स्नेहलता की हत्या करने का आरोप है। पुलिस के सामने कथित तौर पर शव को नदी में फेंकने की बात भी सामने आई है। अब जांच की दिशा भिंड से उत्तर प्रदेश के पचनदा तक पहुंच चुकी है।

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कहानी की शुरुआत कॉलेज से हुई
सत्यप्रकाश और स्नेहलता की पहचान कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। बातचीत बढ़ी और दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। धीरे-धीरे उनका रिश्ता लिव-इन रिलेशनशिप तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि दोनों का एक बेटा भी है लेकिन इस रिश्ते के साथ एक जटिल पारिवारिक परिस्थिति भी जुड़ी थी। सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था। उसकी पत्नी से संतान नहीं होने और वैवाहिक विवाद की बात सामने आई है। इसी बीच स्नेहलता के साथ उसका रिश्ता आगे बढ़ा।अब पुलिस इस रिश्ते से जुड़े घटनाक्रम और हत्या के पीछे की वजहों की पड़ताल कर रही है।

8 अक्टूबर के बाद क्यों नहीं लौटी स्नेहलता
मामले में 8 अक्टूबर की तारीख अहम बताई जा रही है। इसी दिन सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने ले गया था। स्नेहलता ने अपनी एक दोस्त को फोन पर कानपुर जाने की जानकारी भी दी थी। इसके बाद घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया कि स्नेहलता का कोई पता नहीं चला। वह कहां गई? उसके साथ क्या हुआ? क्या वह वापस लौटने वाली थी? इन सवालों के जवाब तलाशने के बजाय शुरुआती तौर पर मामला गुमशुदगी के रूप में सामने आया।
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ये भी पढ़ें: भोपाल: वकील पति की मौत के बाद पत्नी ने भी दी जान, दोनों की शादी से अनजान थे परिजन, सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

थाने पहुंचा शिकायतकर्ता
इस कहानी का सबसे अहम मोड़ तब सामने आया, जब सत्यप्रकाश खुद स्नेहलता की गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक उसने पुलिस को आवेदन दिया और गुमशुदगी का पर्चा भी छपवाया लेकिन पुलिस ने जब मामले की पड़ताल शुरू की और सत्यप्रकाश से पूछताछ की तो जांच का रुख बदल गया। उस पर ही स्नेहलता की हत्या करने का आरोप सामने आया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि स्नेहलता की हत्या के बाद उसके शव को उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया है।

अब नदी में तलाश, कई सवाल बाकी
स्नेहलता के शव की तलाश के लिए पुलिस टीम पचनदा पहुंची है। फिलहाल शव की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है। जांचकर्ताओं के सामने अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने, कथित वारदात की परिस्थितियां स्पष्ट करने और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि करने की चुनौती है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्नेहलता के साथ आखिर क्या हुआ? क्या गुमशुदगी की शिकायत के पीछे पुलिस को गुमराह करने की कोशिश थी? और उस मासूम बच्चे के भविष्य पर इस पूरे घटनाक्रम का क्या असर पड़ेगा, फिलहाल स्नेहलता की तलाश जारी है। 

नदी में मिलने वाला कोई भी सुराग इस रहस्य से पर्दा उठाने में अहम हो सकता है। पुलिस जांच पूरी होने और ठोस साक्ष्य सामने आने के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

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कहां है स्नेहा? - फोटो : अमर उजाला
8 अक्टूबर के बाद क्यों नहीं लौटी स्नेहलता
मामले में 8 अक्टूबर की तारीख अहम बताई जा रही है। इसी दिन सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने ले गया था। स्नेहलता ने अपनी एक दोस्त को फोन पर कानपुर जाने की जानकारी भी दी थी। इसके बाद घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया कि स्नेहलता का कोई पता नहीं चला। वह कहां गई? उसके साथ क्या हुआ? क्या वह वापस लौटने वाली थी? इन सवालों के जवाब तलाशने के बजाय शुरुआती तौर पर मामला गुमशुदगी के रूप में सामने आया।

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थाने पहुंचा शिकायतकर्ता
इस कहानी का सबसे अहम मोड़ तब सामने आया, जब सत्यप्रकाश खुद स्नेहलता की गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक उसने पुलिस को आवेदन दिया और गुमशुदगी का पर्चा भी छपवाया लेकिन पुलिस ने जब मामले की पड़ताल शुरू की और सत्यप्रकाश से पूछताछ की तो जांच का रुख बदल गया। उस पर ही स्नेहलता की हत्या करने का आरोप सामने आया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि स्नेहलता की हत्या के बाद उसके शव को उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया है।
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पचनदा में चल रही है तलाश - फोटो : अमर उजाला
अब नदी में तलाश, कई सवाल बाकी
स्नेहलता के शव की तलाश के लिए पुलिस टीम पचनदा पहुंची है। फिलहाल शव की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है। जांचकर्ताओं के सामने अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने, कथित वारदात की परिस्थितियां स्पष्ट करने और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि करने की चुनौती है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्नेहलता के साथ आखिर क्या हुआ? क्या गुमशुदगी की शिकायत के पीछे पुलिस को गुमराह करने की कोशिश थी? और उस मासूम बच्चे के भविष्य पर इस पूरे घटनाक्रम का क्या असर पड़ेगा, फिलहाल स्नेहलता की तलाश जारी है। 

नदी में मिलने वाला कोई भी सुराग इस रहस्य से पर्दा उठाने में अहम हो सकता है। पुलिस जांच पूरी होने और ठोस साक्ष्य सामने आने के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
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