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भय्यूजी महाराज केस में युवती का नाम आने पर सामने आए पिता, कहा- एक बड़ा गिरोह सक्रिय है

Sat, 22 Dec 2018 11:41 AM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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bhayyuji maharaj
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आध्यात्मिक गुरू भय्यूजी महाराज के ड्राइवर कैलाश पाटिल उर्फ भाऊ के बयान के बाद इस सुसाइड केस का रुख बदल गया है। भय्यू महाराज के साथ उस युवती के संबंध होने और ब्लैकमेल करने के आरोप के बाद पुलिस उस युवती की तलाश कर रही है। हालांकि उस युवती के पिता ने अपनी बेटी पर लगे आरोपों को खारिज किया और इसे भय्यू महाराज के सेवादारों की साजिश करार दिया है। युवती के पिता के मुताबिक महाराज के आश्रम को मिले दान और संपत्ति को हथियाने के लिए बड़ा गिरोह सक्रिय हो गया है। ये लोग भय्यूजी महाराज को बदनाम करना चाहते थे। इसमें पुलिस, मीडिया और कई वर्गों के लोग सक्रिय हैं। 
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उस युवती के पिता ने कहा कि भय्यूजी महाराज ने अवैध संबंधों या ब्लैकमेल की वजह से आत्महत्या नहीं की। बल्कि अपने आसपास रहने वाले और आश्रम की गतिविधियों में गड़बड़ी करने वालों के तनाव में आकर आत्महत्या की। पिता का कहना है कि भय्यूजी अपने परिवार के ही कुछ लोगों से परेशान थे और वे अपनों के द्वारा रची गई साजिश से घिर गए थे। 

बता दें कि 12 जून को भय्यूजी महाराज ने इंदौर के सिल्वर स्प्रिंग टाउनशिप स्थित अपने बंगले में अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। 

'मेरी बेटी समय आने पर सामने आएगी'

युवती के पिता ने कहा, "मेरी बेटी के खिलाफ किसी के पास कोई सबूत नहीं है। अगर सबूत हैं तो पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही? मेरी बेटी को महाराज अपनी बेटी कुहू की तरह मानते थे। उस पर उन्हें काफी विश्वास था। एक ड्राइवर जो फिरौती के लिए महाराज के सेवादारों को धमका रहा है, उसके बयानों को इतना गंभीरता से लेकर दोबारा जांच करना ही समझ से परे है। मेरी बेटी समय आने पर खुद सामने आकर जवाब देगी।"  

'सेवादारों ने मेरी बेटी को बदनाम किया था'

युवती के पिता का कहना है कि पहली पत्नी की मौत के बाद मेरी बेटी भय्यूजी महाराज के संपर्क में उनकी मां की सेवादार के रूप में आई थी। महाराज की बेटी कुहू पढ़ाई के सिलसिले में महाराष्ट्र में रहने लगी थी। मेरी बेटी जिस तरह से भय्यूजी की मां की सेवा करती थी उससे खुश होकर महाराज उसे बेटी मानने लगे थे।
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भय्यूजी ने आश्रम के प्रबंधन की भी जिम्मेदारी उसे सौंप दी थी। इस वजह से आश्रम के लोग मेरी बेटी को बदनाम करने लगे थे। आश्रम में हो रही इस राजनीति से तंग आकर आखिरकार मेरी बेटी ने फरवरी 2017 में भय्यूजी महाराज के यहां काम छोड़ दिया था। 
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'सेवादार विनायक और उनकी बहन ने मेरी बेटी को भगाया'

पत्नी और बेटी ने की जांच की मांग

भय्यूजी महाराज की खुदकुशी के छह महीने बाद उनकी पत्नी और बेटी ने मामले की जांच के लिए कुछ दिनों पहले डीआजी से मुलाकात की। उन्होंने बीते रविवार को डीआईजी से मिलकर उस ड्राइवर का बयान अदालत में धारा 164 के तहत दर्ज कराने की मांग की है, जिसने एक युवती और भय्यूजी महाराज के दो सेवादारों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। 

भय्यूजी महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी और बेटी कुहू ने डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र से मुलाकात की और बताया कि भय्यू महाराज ने घरेलू विवाद के कारण आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उनकी संपत्ति हथियाने को लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था। उन्होंने इस मामले में जांच की मांग की थी। 

'मेरी बेटी से भय्यूजी करते थे मन की बात'

उस युवती के पिता का कहना है कि मेरी बेटी को महाराज अपनी बेटी कुहू की तरह मानते थे और मन की बातें भी बताते थे। दूसरी शादी के लिए वे राजी नहीं थे। तो महाराज की बहन से तीन दिनों तक खाना पीना छोड़ दिया और महाराज को मनाया तब जाकर वह कुहू से मिलने गए थे। महाराज ने कुहू से कहा था कि मेरी दूसरी शादी के लिए लोग दबाव बना रहे हैं। इसलिए वो इस शादी पर एतराज जताकर मना कर दे। लेकिन कुहू अपनी पढ़ाई में व्यस्त होने की वजह से नहीं आई। 

कुहू के नहीं आने पर भय्यूजी महाराज ने मेरी बेटी को शादी के एक दिन पहले घर बुलाया था। मेरी बेटी को महाराज के साथ देख सेवादार विनायक और उनकी बहन ने उसे घर से भगा दिया था। इसके बाद से भय्यूजी महाराज और तनाव में थे। 

'कौन मूर्ख 40 करोड़ रुपये मिलने पर भी नौकरी करेगा'

पिता ने कहा कि मेरी बेटी पर आरोप है कि उसने महाराज से 40 करोड़ रुपए और मुंबई के कॉर्पोरेट हाउस में नौकरी की मांग की थी। लेकिन यह बहुत मूर्खतापूर्ण बात है क्योंकि शायद ही कोई मूर्ख होगा जो 40 करोड़ रुपये लेने के बाद भी नौकरी करेगा। 

भय्यूजी महाराज की खुदकुशी से कुछ महीनों पहले ही उनका तबीयत बिगड़ने लगी थी। उनकी ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल के साथ ही उनका तनाव का स्तर भी बढ़ने लगा था। उन्हें लग रहा था कि आश्रम उनके बाद सही हाथों में नहीं होगा और देशभर में बदनामी हो जाएगी। वे पत्नी और बेटी के बीच के तनाव और मां की हालत से भी चिंतित थे। 
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