बैतूल से बुलंदी तक: हेमंत खंडेलवाल का सादगी से नेतृत्व तक का सफर
जब 1980 में अटल जी से हुई पहली मुलाकात
राजनीति में खंडेलवाल की गहराई को समझने के लिए 1980 की घटना का उल्लेख जरूरी है। उस वर्ष भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी अटल निधि संग्रह अभियान के तहत बैतूल पहुंचे थे। कार्यक्रम लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित हुआ था। उसी दौरान हेमंत खंडेलवाल, जो उस समय मात्र 16 वर्ष के थे, पहली बार अटल जी से मिले। भाजपा नेता राजीव खंडेलवाल (जो रिश्ते में हेमंत के चाचा हैं) बताते हैं कि कार्यक्रम के बाद अटल जी, स्व. विजय खंडेलवाल (हेमंत के पिता) के निवास पर भोजन करने पहुंचे थे। उस ऐतिहासिक मुलाकात की तस्वीर आज भी परिवार के पास मौजूद है, जिसमें युवा हेमंत अटल जी के साथ खड़े दिखाई देते हैं।
हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक जीवन संघर्ष, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा की मिसाल है। उनके पुराने साथी आज भी उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और समर्पण को याद करते हैं। छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश अध्यक्ष पद तक पहुंचने की यह यात्रा यह दिखाती है कि नेतृत्व पदों से नहीं, बल्कि व्यवहार और समर्पण से आकार लेता है।