डॉक्टर का पर्चा और दी गई दवा।
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हर कोशिश की, फिर भी नहीं बचा पाया
इस पूरे मामले को लेकर कबीर के पिता कैलाश का कहना है कि मैंने बेटे को बचाने के लिए हर कोशिश की। परासिया से लेकर भोपाल तक इलाज कराया। जमीन गिरवी रखकर चार लाख रुपये का कर्ज लिया, ऊपर से 50 हजार और उधार लिए। फिर भी मेरा बच्चा नहीं बचा। डॉक्टर ने जो Coldrif सिरप दी थी, उसी के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी। कैलाश का कहना है कि उनका बेटा पहले से बिल्कुल स्वस्थ था। सिरप देने के बाद ही उसके शरीर में सूजन और यूरिन बंद होने जैसे लक्षण दिखाई दिए। भोपाल के डॉक्टरों ने भी बताया कि बच्चे की किडनी फेल हो चुकी थी।
जांच टीम को सौंपी दवा
कैलाश यादव ने जांच टीम को Coldrif सिरप की बची हुई शीशी और दो अन्य दवाओं की बोतलें सौंपी हैं। इन्हें अब फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
दवाइयों के नमूने लैब भेजे जा रहे हैं
सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि आमला विकासखंड के कलमेश्वरा और जामुन बिछुआ गांव में दो बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं। दोनों का इलाज परासिया में एक ही डॉक्टर के पास हुआ था। फिलहाल जांच की जा रही है। दवाइयों के नमूने एकत्र कर लैब भेजे जा रहे हैं।