बैतूल में शुक्रवार को मुख्य बाजार बंद रहे।
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बैतूल में आदिवासी युवक के साथ पिटाई के मामले में आदिवासी संगठनों के आह्वान का असर जिले में मिला-जुला रहा। प्रमुख बाजारों में दुकानें बंद रही। दोपहर बाद बाजार भी खुलने लगे थे। कुछ प्रतिष्ठान खुले और कुछ पूरी तरह बंद रहे।
बीते दिनों आदिवासी युवक के साथ बेरहमी से उसे उल्टा लटकाकर बिना कपड़ों के उसके साथ मारपीट करने का वीडियो सामने आया था। पिटाई की घटना तो तीन माह पहले नवंबर की थी, लेकिन जैसे ही वीडियो पीड़ित युवक आशीष परते के गांव में वायरल हुआ तो आदिवासी समाज के पदाधिकारी इस मामले में युवक के साथ शिकायत करने कोतवाली थाना पहुंचे। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जहां से इस मामले को लेकर जांच-पड़ताल शुरू हुई। पहले एक युवक जिसका नाम सोहेल कपूर है उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने आदिवासी युवक की पिटाई के मामले में मुख्य आरोपी शेख़ शोहराब उर्फ चेन्ट को भोपाल से और अन्य आरोपी तब्बू उर्फ त्रिवेणी मासोदकर को बैतूल से गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेजा गया। एक आरोपी सोहेल कपूर बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया था जिसे जेल भेज दिया गया था। प्रशासन ने वीडियो में नजर आ रहे युवक रिंकेश चौहान के कुंड बकाजन गांव में स्थित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया और अतिक्रमण हटाया गया। वह अभी फरार है।
एसपी और टीआई को हटाया
इस मामले में प्रशासनिक फेरबदल भी हुए हैं, जिसमें बैतूल एसपी और कोतवाली टीआई को हटाया गया है। बुधवार की रात जारी हुई आईपीएस तबादला सूची में सिद्धार्थ चौधरी को सेनानी 8वी वाहिनी, विसबल छिंदवाड़ा भेजा गया। कोतवाली टीआई आशीष सिंह पंवार को भी हटा दिया गया है।
बैतूल में आदिवासी संगठनों ने रैली निकाली।
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संगठनों में आक्रोश, रैली निकालकर जताया विरोध
मध्य प्रदेश के बैतूल में बीते दिनों एकाएक दो आदिवासियों के साथ बेरहमी से पिटाई का वीडियो सामने आए थे, जिसके बाद आदिवासी समाज के संगठन में खासा आक्रोश देखने मिला। शुक्रवार को जिले भर से एकत्रित हुए आदिवासियों ने बड़ा आंदोलन किया और बैतूल बंद का आवाहन किया। बैतूल बंद का तो मिलाजुला असर देखने मिला। समस्त आदिवासियों ने विशाल रैली निकाल कर घटना के प्रति अपना रोष जताया। इस प्रदर्शन के दौरान आदिवासी युवक की पिटाई करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ पीड़ित युवकों के लिए मुआवजे की भी मांग की गई।
आदिवासी युवकों की पिटाई के मामले में पहली घटना का जब वीडियो वायरल हुआ तो उसमें बजरंग दल के कार्यकर्ता द्वारा युवक को बेरहमी से पीटा गया और उसे मुर्गा भी बनाया गया। दूसरी घटना तो तीन माह पुरानी थी मगर उसका वीडियो हाल ही में वायरल हुआ जिसमें देखा जा सकता है कि एक आदिवासी युवक को छत से उल्टा लटका कर उसे बिना कपड़ों के मारा गया। इन दोनों ही घटनाओं को लेकर आदिवासी संगठनों में आक्रोश भर गया था।
इन दोनों ही मामलों को लेकर के शुक्रवार को आदिवासी संगठन ने बैतूल बंद का आव्हान किया था, जिसका मिला जुला असर देखने को मिला।
दोपहर में आदिवासी समाज संगठनों की छत्रपति शिवाजी ऑडिटोरियम से रैली शुरू हुई और शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए रैली का समापन ऑडिटोरियम में हुआ और यहां पर एक आम सभा हुई जिसमें आदिवासी नेताओं ने संबोधित किया। जयस के जिला अध्यक्ष संदीप धुर्वे ने बताया कि पिछले कई दिनों से आदिवासी समाज के युवकों को प्रताड़ित और अपमानित करने के लिए घटनाएं घटित हो रही हैं। इसको लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है। किसी भी समाज के लोगों के साथ इस तरह की घटना घटित नहीं होनी चाहिए। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करने की मांग की है।
महिला नेत्री स्मिता धुर्वे ने बताया कि आदिवासी समाज की परंपरा है कि अगर किसी का अपमान होता है तो उसे देव पूजा देनी पड़ती है। इसलिए दोनों युवकों को सरकार को मुआवजा देना चाहिए। जिस तरह एक आदिवासी युवक को निर्वस्त्र कर और दूसरे को बजरंग दल के नेता द्वारा मारपीट की गई थी। इन दोनों घटनाओं में युवकों की बदनामी भी हुई है। इसकी क्षतिपूर्ति हेतु सरकार को कदम उठाना चाहिए। नर्मदापुरम रेंज आईजी इरशाद बली ने इस पूरे आंदोलन को कहा कि घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस ने उचित कदम उठाए हैं फिर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है एक आरोपी के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई है इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो