बैतूल में पंचायत की दुकान को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने पूर्व जनपद पंचायत सदस्य पर दबंगई करने और दुकान की नीलामी प्रक्रिया बाधित करने का आरोप लगया है। साथ ही सीईओ को ज्ञापन सौंप कर दुकान पर कब्जा हटाने की मांग की है।
बैतूल की भैसदेही जनपद के झल्लार में पंचायत की दुकानें विवादों की वजह बन गई हैं। सोमवार को इस मामले में सैकड़ों ग्रामीणों ने बैतूल पहुंचकर पूर्व जनपद पंचायत सदस्य पर दुकानों में अवैध रूप से ताले लगाकर कब्जा करने और सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की। ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर दुकान का कब्जा हटाने की मांग की है। उन्होंने इस दौरान पूर्व जनपद पंचायत सदस्य के परिजनों द्वारा की जा रही गाली गलौज का वीडियो भी सौंपा। साथ ही ग्रामीणों ने यहां विरोध प्रदर्शन किया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत झल्लार की दुकान (क्रमांक 10) अपर कलेक्टर (विकास) व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल के नवंबर 2020 के एक आदेश के अनुसार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। इस दुकान की नीलामी की लिए पूर्व जनपद सदस्य निलेश ठाकुर की ओर से अपने आदमी द्वारा अलग-अलग तीन बार नीलामी प्रक्रिया में अत्यधिक बोली लगवाकर राशि जमा नहीं की गई है। 16 दिसंबर 2020 को सबसे अधिक बोली पंकज और कृष्णराव महाले के द्वारा 11 लाख रुपये लगाई गई थी, लेकिन नीलामी की राशि जमा नहीं की गई।
नीलामी प्रक्रिया बाधित करने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि दुकान की तीन बार नीलामी में निलेश ठाकुर द्वारा उच्च बोली लगवाकर नीलामी की कार्रवाई व प्रक्रिया को निरंतर बाधित किया गया। संबंधित दुकान में निलेश ठाकुर एवं अन्य ने ताले लगाकर रखे हैं। ग्रामीणों और सरपंच के ताले खुलवाने को लेकर जाने पर निलेश ठाकुर अपनी निजी दुकान एवं अधिकार बताकर ताला न खुलवाने और गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हैं। इस मामले की पुलिस को भी शिकायत की गई थी। ग्रामीणों ने इस दुकान से कब्जा हटवाने की मांग की है।