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आटे में मिला जहर खाने से हुई थी बैतूल जज और बेटे की मौत, सामने आई तंत्र-मंत्र की बात

Wed, 29 Jul 2020 11:07 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
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बैतूल में जिला जज महेंद्र कुमार त्रिपाठी (फाइल फोटो) - फोटो : social media
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मध्यप्रदेश के बैतूल में जिला जज महेंद्र कुमार त्रिपाठी (56) एवं उनके बेटे अभियनराज (33) की मौत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि इनकी मौत जहर देने से हुई है। हालांकि, इस बात की जानकारी नहीं है कि जहर कौन सा था? वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि मारने वाले की साजिश पूरे परिवार को खत्म करने की थी, उसने आटे में जहर मिलाकर परोसा था। 

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जिला जज महेंद्र कुमार त्रिपाठी और उनके बेटे अभियनराज की शनिवार को मौत हो गई थी। उन्हें शनिवार शाम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अस्पताल पहुंचते ही बेटे की मौत हो गई, देर रात जज ने भी दम तोड़ दिया। बताया गया है कि उस रात जज की पत्नी ने रोटी नहीं खाई और छोटे बेटे को रोटी खाते ही उल्टी शुरू हो गई है, इस कारण वह बच गया।

पुलिस का बयान
बैतूल के एसपी सिमाला प्रसाद ने कहा, जांच से पता चला कि एडीजे को छिंदवाड़ा से संध्या (अपराधी) ने पारिवारिक कलह दूर करने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेने की सलाह दी थी। इसके चलते दोनों के बीच आटे का अदान-प्रदान हुआ था।  
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एडीजे ने अपराधियों को पिछले 10 सालों में कई बार मदद के लिए पैसे दिए थे। प्रथम दृष्टता के अनुसार एडीजे पैसे वापिस देने का दवाब डाल रहे थे। 6 लोगों के खिलाफ धारा 302, 307 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। 
 

महिला से हो रही है पूछताछ, संकट मिटाने के नाम पर दिया था आटा

इस मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना के संबंध में राज्य के रीवा जिले से एक महिला को बैतूल लाया गया है। दरअसल, इस महिला पर आरोप है कि इसने जिला जज को संकट टालने के नाम पर आटा दिया और कहा कि इसे घर के आटे में मिलाकर खा लेना। परिवार वालों ने इसी आटे की बनी रोटियां खाई थीं।

पुलिस ने अस्पताल में जज के बयान लिए थे। उस दौरान जिला जज का कहना था कि आटे की जांच जरूर की जाए। इसके बाद पुलिस की जांच में सामने आया कि जज की इस महिला से मुलाकात हुई थी। फिर पुलिस ने इसका फोन नंबर निकालकर फोन किया, लेकिन महिला का फोन बंद आ रहा था। इसके बाद पुलिस ने लोकेशन का पता लगाकर उसे रीवा से हिरासत में लिया। वहीं, इस मामले में पांच संदिग्धों से भी पूछताछ चल रही है। 

महिला के पास से मिली तंत्र-मत्र की किताबें और सामग्री

मिली जानकारी के मुताबिक, रीवा से जिस महिला को गिरफ्तार किया गया है उसकी कार में रखे बैग और अन्य सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा महिला के पर्स से कुछ तंत्र-मंत्र विद्या वाली किताबें और उससे जुड़ी सामग्री भी बरामद हुई है, इसे भी जब्त कर लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि परिवार के सदस्य कुछ छिपा रहे हैं। 

त्रिपाठी के सबसे छोटे बेटे आशीष ने बताया कि उनके पिता पिछले 10 साल से संध्या नाम की इस महिला को जानते थे। उसने पापा को कुछ आटा दिया था, जिसकी बनी रोटियां खाने से सबकी तबीयत बिगड़ी। उन्होंने बताया कि संध्या ने मेरे पिता से कहा था कि इस आटे को घर के आटे में मिला लीजिए, इससे सबका स्वास्थ्य अच्छा होगा और समृद्धि मिलेगी। 

अस्पताल से जिला जज ने किया था महिला को फोन

अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि जिला जज जैसे ही अस्पताल पहुंचे, वह लगातार महिला को फोन कर रहे थे। त्रिपाठी महिला से जानना चाह रहे थे कि आखिर उसने कौन-सी चीज दी है। उसका नाम ही बता दे, ताकि उसका एंटीडोज दिया जा सके। लेकिन महिला बार-बार फोन काट रही थी। 
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जिला जज और महिला की होती थी मुलाकात

बताया गया है कि महेंद्र त्रिपाठी इस महिला से करीब 10 साल से ज्यादा समय से जानते थे। वह दो साल से बतौर जिला जज बैतूल में तैनात थे। वहीं, बताया गया है कि इस दौरान महिला और उनकी मुलाकात होती रहती थी। दूसरी तरफ, महिला को लेकर बताया जा रहा है कि वह सिंगरौली या छिंदवाड़ा की रहने वाली है। ये भी कहा जा रहा है कि महिला का पति उससे अलग रहता है। महिला को लेकर बताया जा रहा है कि वह एक एनजीओ चलाती है और कपड़े का व्यवसाय करती है। 

खाते में ट्रांसफर हुई है बड़ी रकम
वहीं, सूत्रों ने बताया है कि हाल ही में बैतूल जिला जज के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर हुई है। दूसरी तरफ, महिला के खाते में भी ऐसा ही हुआ है। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। महिला को लेकर बताया गया है कि वह हाई प्रोफाइल जीवन व्यतीत करती है। ऐसे में इस बात को लेकर आशंका जताई जा रही है कि इस मामले के तार कई बड़े लोगों से जुड़े हो सकते हैं। 
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