फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अरे बाप रे: शहडोल में बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस ने पार किया लाल सिग्नल, रेलवे में मचा हड़कंप; जांच शुरू

Wed, 12 Aug 2026 06:45 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

शहडोल में बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस ने बंधवाबारा और शहडोल के बीच लाल आईबीएस सिग्नल पार कर दिया। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही मामले की जांच शुरू कर दी गई और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा हो रही है।

विज्ञापन
बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कटनी से शहडोल की ओर आ रही बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस बुधवार सुबह शहडोल स्टेशन पहुंचने से पहले लाल सिग्नल पार कर आगे बढ़ गई। घटना सुबह करीब 10 बजे बंधवाबारा और शहडोल रेलवे स्टेशन के बीच हुई। ट्रेन ने इंटरमीडिएट ब्लॉक स्टॉप (आईबीएस) सिग्नल को लाल होने के बावजूद पार किया। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के शहडोल स्टेशन पहुंचने पर अधिकारियों की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी।

सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए होता है आईबीएस सिग्नल

विज्ञापन

इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल प्रणाली का इस्तेमाल दो स्टेशनों के बीच लंबे रेलखंड को छोटे ब्लॉक सेक्शन में बांटने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य एक ही दिशा में चलने वाली ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना है। ट्रेन की स्थिति की निगरानी के लिए एक्सल काउंटर जैसे तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। इनके आधार पर सिग्नल की स्थिति नियंत्रित होती है।

पढे़ं: बिना ओटीपी आरक्षक के खाते से 36 हजार उड़ाए, तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान

लाल सिग्नल होने पर ट्रेन रोकना जरूरी

विज्ञापन

रेलवे के सुरक्षा नियमों के अनुसार आईबीएस सिग्नल लाल होने पर लोको पायलट को ट्रेन सिग्नल से पहले रोकना होता है। इसके बाद सिग्नल पोस्ट पर लगे टेलीफोन से पिछले स्टेशन के स्टेशन मास्टर से संपर्क करना होता है। स्टेशन मास्टर से अनुमति मिलने के बाद ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत ट्रेन को आगे बढ़ाया जा सकता है।

टेलीफोन खराब होने पर भी तय हैं नियम
यदि सिग्नल पोस्ट का टेलीफोन खराब हो या उपलब्ध न हो, तो लोको पायलट को पांच मिनट तक इंतजार करना होता है। इसके बाद सावधानी से ट्रेन को आगे बढ़ाया जा सकता है। अच्छी दृश्यता में ट्रेन की अधिकतम गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा और खराब दृश्यता में अधिकतम गति 8 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है।

रेलवे ने शुरू की जांच

विज्ञापन

लाल आईबीएस सिग्नल पार करने की घटना को रेलवे ने गंभीरता से लिया है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि सिग्नल लाल होने के बावजूद ट्रेन आगे कैसे बढ़ी। जांच में सिग्नल की स्थिति, परिचालन प्रक्रिया और लोको पायलट की कार्रवाई समेत पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें