फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balaghat News: बाघ की मौत के बाद सबूत मिटाने के लिए जलाया शव, व्हाट्सएप पोस्ट से हुआ खुलासा, 2 अधिकारी निलंबित

Wed, 06 Aug 2025 02:08 PM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट

सार

बाघ की मौत के बाद उसके शव को जलाने के मामले में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में छह चौकीदारों को आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने बाघ के शव को जलाकर सबूत नष्ट किए थे।
विज्ञापन
मामले में जांच की मांग करने के लिए ग्रामीण एकजुट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले के सोनेवानी अभयारण्य में एक बाघ की मौत और फिर उसके शव को जलाकर सबूत मिटाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब एक व्हाट्सएप ग्रुप सोनेवानी अभयारण्य में बाघ की मौत से जुड़ी फोटो और लोकेशन साझा की गई। घटना के वायरल होते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया लेकिन तब तक बाघ का शव नष्ट किया जा चुका था।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार 2 अगस्त को एक व्हाट्सएप ग्रुप में कालागोटा नाले के पास मरे हुए बाघ की तस्वीर और लोकेशन डाली गई। इसके बाद वन अमले और वन्यजीव प्रेमियों ने तलाशी अभियान चलाया लेकिन जंगल में बाघ का शव नहीं मिला। लोकेशन ट्रेस होने पर छह चौकीदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसके बाद चौकीदारों ने स्वीकार किया कि डिप्टी रेंजर टी.आर. हनोते और वनरक्षक हिमांशु घोरमारे के निर्देश पर बाघ के शव को जला दिया गया था।

ये भी पढ़ें: Dhar News: शासकीय योजना में 6 लाख की धोखाधड़ी, 2 जीवित व्यक्तियों को बताया मृत; पीड़ित पहुंचे जनसुनवाई में
विज्ञापन


चौकीदारों ने बताया कि 27 जुलाई को बाघ का शव पोटुटोला नाले में मिला था, जिसके बाद उसे कक्ष 443 से 440 और फिर 444 में शव को ले जाया गया। फिर 29 जुलाई को सूखी लकड़ी एकत्र कर कक्ष 444 में बाघ को जला दिया गया। पूरी तरह जल जाने के बाद राख को चारों ओर फैला दिया गया ताकि कोई सबूत न बचे।

सच्चाई सामने आने के बाद डिप्टी रेंजर टी.आर. हनोते और वनरक्षक हिमांशु घोरमारे को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही छह चौकीदार हरिलाल, शिवकुमार सिंह, शैलेश सिंह, अनुज, मान सलामे और देव सिंह कुमरे को आरोपी बनाया गया है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों पर आरोप थोपकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
विज्ञापन


वन विभाग के एसडीओ बी.आर. सिरसाम ने कहा कि इस मामले में मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन हुआ है। संबंधित अफसरों को सस्पेंड किया गया है और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी गई है। मामले की जांच जारी है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें