मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में, जो आदिवासी इलाका है, पिछले 20 दिनों में पुलिस ने 22 नाबालिग लड़कियों को उनके परिवार से मिलाया है। यह काम ‘ऑपरेशन मुस्कान’ नाम के एक खास अभियान के तहत किया गया। यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को दी।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में, जो आदिवासी इलाका है, पिछले 20 दिनों में पुलिस ने 22 नाबालिग लड़कियों को उनके परिवार से मिलाया है। यह काम ‘ऑपरेशन मुस्कान’ नाम के एक खास अभियान के तहत किया गया। यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को दी।
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बालाघाट एक नक्सल प्रभावित जिला है, इसलिए यहां से लापता होने वाली लड़कियों को मानव तस्करी और माओवादियों से बचाना बहुत जरूरी है। जिले के एसपी नगेंद्र सिंह ने बताया कि यह अभियान इसलिए चलाया गया ताकि लापता लड़कियां किसी गलत रास्ते पर न जाएं और माओवादी उन्हें अपने काम में न लगाएं, क्योंकि माओवादियों को देशभर में नए लोगों की जरूरत है।
पुलिस ने हर थाने पर विशेष टीमें बनाई, जो दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर लापता लड़कियों की तलाश में लगीं। तकनीक, सूचना नेटवर्क और लगातार मेहनत के जरिए कई परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटी। पिछले 20 दिनों में जो 22 लड़कियां मिलीं, उनमें से एक 17 साल की लड़की केरल के इडुक्की जिले से बरामद हुई। यह काम भरवेली पुलिस ने किया।