बालाघाट में पीएम आवास योजना में घोटाला।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बालाघाट नगरपालिका की बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 1 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपये की राशि ऐसे 133 हितग्राहियों को जारी कर दी गई, जिन्होंने आवास का निर्माण ही नहीं किया। अक्तूबर में मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका वसूली के लिए जूझ रही है।
नगर पालिका के अनुसार कई हितग्राही अपने घर छोड़कर अन्य जगह चले गए हैं, जबकि कुछ ने अपने मकान बेच दिए हैं। ऐसे में उनसे राशि वापस लेना बेहद मुश्किल हो गया है। कलेक्टर मृणाल मीणा मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं और वसूली को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।
6 लोगों पर एफआईआर, 17 और पर कार्रवाई की तैयारी
मामला उजागर होने के बाद नगर पालिका ने डिफाल्टर हितग्राहियों के नामों की होर्डिंग लगाकर सार्वजनिक किया, जिसके बाद 6 लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है। अब 17 और हितग्राहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना कोतवाली में आवेदन दिया गया है। पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा 56 हितग्राहियों के खिलाफ आरआरसी जारी करने की प्रक्रिया तहसील में चल रही है। 20 से 22 हितग्राहियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। नगर पालिका सीएमओ बी.डी. कतरोलिया ने कहा कि पूरी राशि जल्द वसूलकर शासन को भेज दी जाएगी।
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पति-पत्नी दोनों को दे दिया योजना का लाभ, जिम्मेदारों पर सवाल
घोटाले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नगर पालिका ने बिना पड़ताल किए पति-पत्नी दोनों को पीएम आवास योजना का लाभ दे दिया। वार्ड नंबर 09 लोहार गली के सुरेश सहारे और सुनीता सहारे दोनों को अलग-अलग हितग्राही बताते हुए राशि जारी कर दी गई। जब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो सीएमओ कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
इन 6 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
- सिकंदर सिंह जूनी, वार्ड 29
- केशरी कावरे, वार्ड 31 (सरेखा)
- अजय गौरे, वार्ड 14 (बुढ़ी)
- शारदा पति लक्ष्मण शेंद्रे, वार्ड 32
- सुरेश सहारे, वार्ड 09 (लोहार गली)
- सुनीता सहारे, वार्ड 09 (लोहार गली)