बालाघाट में प्रदेश का सबसे छोटा मतदान केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र में मतदाताओं की संख्या 40 है। इससे पहले मतदाताओं को मतदान करने के लिए 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था।
बारासिवनी एसडीएम तथा निर्वाचन अधिकारी कामिनी ठाकुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालबर्रा विकासखंड से लगभग 45 किलोमीटर दूर वनग्राम सोनेवानी में अनुसूचित जनजाति आदिवासी गोंड परिवार के लोग निवास करते हैं, जो आपस में रिश्तेदार हैं। मतदान करने के लिए अपने ग्राम से लगभग 20 किलोमीटर दूर नवेगांव टेकाडी के मतदान केंद्र में जाना पड़ता था।
वन मार्ग बंद होने के कारण मतदान केंद्र तक उन्हें पैदल चलना पड़ता था। जंगल में वन प्राणियों के हमले का भय तथा कच्चा रास्ता होने से आवागमन में परेशानी होती थी, जिसके कारण मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग भी नहीं कर पाते थे।
इन विसंगतियों को दृष्टिगत रखते हुए निर्वाचन आयोग द्वारा ग्राम सोनेवानी में जो की वनग्राम है, उसकी प्राथमिक शाला में मतदान केंद्र बनाया गया है। जिले में दो ग्रीन मतदान केंद्र हैं, उनमें से सोनेवानी एक है। चारो ओर से जंगलों से घिरे रहने के कारण इन्हें ग्रीन मतदान केंद्र का नाम दिया गया है और मतदान केंद्र को हरे रंग से रंगवाया जाना है। सोनेवानी वनग्राम में 12 परिवार के 60 लोग निवासरत हैं, जिनमें 40 लोग मतदाता की श्रेणी में आते हैं।