मध्यप्रदेश के प्रमुख धान उत्पादक जिले बालाघाट में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड धान खरीदी गई, लेकिन खरीदी में अनियमितताओं के चलते कई अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए हैं। जिले में कुल 185 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें से 125 केंद्रों पर धान की कमी उजागर हुई है। इन गड़बड़ियों के कारण आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) जबलपुर द्वारा जांच की जा रही है।
ये भी पढ़ें-
स्थानीय निधि संपरीक्षा कार्यालय में सात करोड़ का घोटाला, संयुक्त संचालक समेत पांच के खिलाफ केस
इन्हीं अनियमितताओं के कारण चरेगांव खरीदी केंद्र के प्रभारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईओडब्ल्यू की टीम ने 5 मार्च 2025 को तिरोड़ी तहसील के नांदी और कटेघरा सोसायटी में की गई धान खरीदी की जांच की। जांच में पाया गया कि इन केंद्रों पर 61,336.62 क्विंटल धान खरीदा गया था, लेकिन 1,371.80 क्विंटल धान का अभाव मिला। इस घोटाले के मद्देनजर समिति प्रबंधक, धान खरीदी केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इसके अलावा, गुरुवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने उन राइस मिलों की भी जांच की, जहां से खरीदी गई धान को भेजा गया था। प्रमुख रूप से शिखर राइस मिल कटंगी, जयरामदास राइस मिल (दीनदयाल देशमुख राइस मिल) कटंगी और अभिषेक राइस मिल कटंगी में धान और चावल के स्टॉक की गहन जांच की गई। इस दौरान संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए।
ये भी पढ़ें-
वाहन जब्ती की कार्यवाही में उपस्थित हो सकेंगे अधिवक्ता, हाईकोर्ट का अहम फैसला
ईओडब्ल्यू की इस कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक ए.वी. सिंह ने किया, जबकि जांच के दौरान जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम डी.एस. कटारे भी उपस्थित रहे। जांच जारी है, और दोषियों पर जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।