बालाघाट जिले के लालबर्रा क्षेत्र में स्थित सोनवनी टेकाड़ तालाब में बोट डूबने से तीन युवकों की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उनकी लाशों को 18-फीट गहरे तालाब से निकाला गया। मरने वालों की उम्र 25-30 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
पांच युवकों का एक ग्रुप सोनवनी टेकाड़ इलाके में बाघ देखने कार से जंगल गया था। बाघ नहीं दिखा तो उन्होंने नौका की सवारी करना तय किया। हालांकि, यह एडवेंचर पांच में से तीन युवकों के लिए जानलेवा साबित हुआ। दो युवक किसी तरह तैरकर बाहर आ गए।
तालाब में पानी ज्यादा है, इस वजह से रात में युवकों की तलाश नहीं क जा सकी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अमला घटनास्थल पर पहुंच गया है। जानकारी मिलने के बाद एसडीईआरएफ का एक दल भी मौके के लिए रवाना हुआ है। तालाब में मरने वालों में पंकज पटले, दीपांकर बिसेन और अश्विन ब्रम्हे शामिल है। घटना गुरुवार करीब 4 बजे की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दीपांकर बिसेन का शव रात को ही तैरकर किनारे पर आ गया था। अश्विनी ब्रम्हे और पंकज पटले के शव शुक्रवार सुबह गोताखोरों ने बाहर निकाले। लालबर्रा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर सुरेंद्र गड़रिया ने कहा कि मृतकों की उम्र 25-30 वर्ष बताई जा रही है। स्थानीय गोताखोरों, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम (एसडीआरएफ) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) ने लाशों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि बोट में योगेश और कमलेश भी सवार थे। वे किसी तरह बाहर निकलकर सुरक्षित हो गए। वे सदमे में हैं, इस वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।