Balaghat: तेंदुए के शावक को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया।
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बालाघाट जिले के लामता औद्योगिक बांसागर में दो दिन पहले अचेत अवस्था में मिले मादा तेंदुए शावक की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। हालांकि अब उसे सही उपचार नहीं मिलने के आरोप लगने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार दो दिन पहले मादा शावक तेंदुआ अचेत हालत में मिला था, जिसकी जानकारी शाम 4 बजे ही उच्च अधिकारियों को दे दी गई थी। रात लगभग 9 बजे कान्हा की रेस्क्यू टीम डॉक्टर के साथ पहुंची थी। जिन्होंने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर ने बताया था कि शावक भूख और पानी न मिलने की वजह से बेहोश हुआ है। डॉक्टर ने पांच दिन के दवाइयां देने का कहकर उसे लामता में छोड़ गए थे।
अब लोगों का कहना है कि शावक जिस अवस्था में था, उसे तुरंत अच्छे उपचार की आवश्यकता थी। लेकिन डॉक्टर उसे अपने साथ कान्हा ले जाने के बजाय यहीं छोड़ गए। उसके उपरांत मादा शावक तेंदुआ को किसी भी डॉक्टर से दोबारा उपचार नहीं कराया गया। लामता में भी पशु चिकित्सक हैं, लेकिन शावक की दोबारा सुध नहीं ली गई। इसके चलते मादा तेंदुआ ने पिजरे में ही दम तोड़ दिया। शव परीक्षण के उपरांत पशु चिकित्सक ने बताया कि मादा शावक तेंदुआ की मृत्यु लगभग 15 दिन से भूखे रहने से हुई है। निरंतर उपचार मिलता तो शायद मादा तेंदुआ को बचाया जा सकता था। हालांकि संबंधित डॉक्टर ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि सही इलाज दिया गया था, तेंदुए की हालत ज्यादा खराब होने से वह रिकवर नहीं कर पाया।