नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौड़ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा के संसदीय बोर्ड में जगह न दिए जाने को सही ठहराया है। हालांकि प्रदेश भाजपा के सदस्यों में इसे लेकर निराशा है।
प्रदेश भाजपा के सदस्यों को चौहान के संसदीय बोर्ड में चुने जाने की पूरी उम्मीद थी। उनका अनुमान था कि भाजपा में मोदी के बढ़ते कद के साथ-साथ पार्टी में संतुलन बनाए रखने के लिए शिवराज सिंह चौहान को संसदीय बोर्ड में लाया जाएगा। लेकिन अंतिम सूची आने के बाद उन्हें निराशा हाथ लगी।
वहीं, गौड़ का कहना है कि मोदी गुजरात चुनाव में हैट्रिक लगा चुके हैं, जबकि चौहान के नेतृत्व में भाजपा ने केवल एक बार ही चुनाव जीता है।
गौरतलब है कि भाजपा ने 2003 में उमा भारती के नेतृत्व में कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया था और उनके बाद बाबूलाल गौड़ ने मुख्यमंत्री का पद संभाला था, जिनकी जगह बाद में शिवराज सिंह चौहान ने ली थी।