देवास जिले के भीलआमला गांव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। घटना में छह वनकर्मी घायल हुए, जबकि शासकीय वाहन और जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई। मामले की जांच जारी है।
देवास जिले के जिनवानी वन परिक्षेत्र के कमलापुर बीट स्थित कक्ष क्रमांक-94 में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। कार्रवाई के दौरान हुए पथराव में वन विभाग के छह कर्मचारी घायल हो गए, जबकि शासकीय वाहन और जेसीबी मशीन को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई, जिसके मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार वन विभाग द्वारा वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में वन विभाग के पांच परिक्षेत्रों का अमला कमलापुर पुलिस के साथ भीलआमला गांव स्थित कक्ष क्रमांक-94 में पहुंचा। टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन कुछ ही देर में ग्रामीण महिला-पुरुषों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। अधिकारियों द्वारा समझाइश देने के बावजूद स्थिति नहीं संभली और विरोध उग्र हो गया।
पुलिस टीम पर पथराव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद कुछ लोगों ने वन विभाग और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पथराव में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज धांधे तथा वनपाल एवं परिक्षेत्र सहायक के.के. परमार घायल हो गए। घटना में कार्रवाई के लिए उपयोग की जा रही जेसीबी मशीन और शासकीय वाहन के कांच भी टूट गए।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए कमलापुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए आरआर अस्पताल चापड़ा और जिला चिकित्सालय देवास रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और वन विभाग के अधिकारी पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों द्वारा पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।