बताया जा रहा है कि आबकारी अफसर को हटाने को लेकर वन मंत्री उमंग सिंघार, विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और हीरालाल अलावा ने मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास पहुंचकर धमकी दे दी कि यदि दुबे को नहीं हटाया गया तो वे कुछ निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि कथित ऑडियो में जो सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे शराब ठेकेदारों से 20 या 15 लाख रुपए लेन-देन की बात कह रहा है, उसे संरक्षण मिला हुआ है। बार-बार कहने के बाद भी नहीं हटाया गया, जबकि पूर्व में 42 करोड़ रुपए की एक गड़बड़ी के एक आरोप में आबकारी अफसर दुबे विवादित हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर देर रात दुबे को तत्काल पद से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री से हीरालाल अलावा ने मुलाकात के दौरान यहां तक कह दिया था कि विवादित अफसर को नहीं हटाए जाने की स्थिति में वे इस्तीफा तक दे सकते हैं। बाद में सिंघार और दत्तीगांव ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की।
धार में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त दुबे और व्हीसिल ब्लोअर डॉ. आनंद राय का जो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उसमें दुबे जिले के दो कांग्रेस विधायक और एक मंत्री पर शराब ठेकेदारों से लाखों रुपए मांगने का आरोप लगा रहे हैं। ऑडियो में डॉ. राय से बात करते हुए दुबे ने कहा कि 15 लाख राजवर्धन मांगता है, 20 लाख उमंग सिंघार मांगता है और अब डॉ. हीरालाल अलावा 10 लाख रुपए मांग रहे हैं।
इतनी कमाई होती तो अडाणी और अंबानी भी दारू का ही धंधा करते। इतने रुपए ठेकेदार देगा तो मर जाएगा। यह बातचीत मनावर विधायक डॉ. अलावा द्वारा हाल ही में शराब की गाड़ी पकड़ने के संबंध में बताई जा रही है। उमंग सिंघार से जब इस बारे में बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वे निराधार हैं और वे कानूनी कार्रवाई भी करेंगे। डॉ. आनंद राय का कहना है कि जो ऑडियो वायरल हुआ है उस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं।
हां, इतना जरूर है कि वन मंत्री उमंग सिंघार के विधानसभा क्षेत्र के जामदा-भूतिया में जो शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई थी, वहां शराब माफियाओं को किसका संरक्षण है यह सभी जानते हैं। वहां के अपराधियों को उनका खुला संरक्षण है। इस बारे में मैंने राहुल गांधी को ट्वीट किया है। इस मामले में मनावर विधायक डाॅ. हीरालाल अलावा का कहना है कि मुझे शराब ठेकेदार से पैसे लेने होते तो गाड़ी ही क्यों पकड़वाता। संजीव दुबे जिले में अवैध शराब के धंधे को रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। इनके ट्रांसफर के लिए मैंने सीएम को पत्र भी लिखा था। मेरी विधानसभा में चप्पे-चप्पे पर दारू बिक रही है। जो काम आबकारी विभाग को करना चाहिए वह विधायक कर रहा है। मैंने मंगलवार को ऑडियो को लेकर सीएम कमलनाथ से बात की है। आगे भी कार्रवाई करूंगा।
ऑडियो फर्जी है, साइबर सेल को जांच के लिए दूंगा : दुबे
मामले में आबकारी अफसर संजीव दुबे का कहना है कि वह उनकी आवाज नहीं है। ऑडियो फर्जी है। वे साइबर सेल को जांच के लिए ऑडियो सौंपेंगे। इसके अलावा उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।