मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था तो इस पर कई सवाल उठे थे। अब उनका यही फैसला उनके लिए मुसीबत बनता दिख रहा है। इन्हीं में से एक नामदेव शास्त्री उर्फ कंप्यूटर बाबा शिवराज से नाराज हो गए हैं और राज्य सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। आज वह इंदौर में मन की बात करने जा रहे हैं।
कंप्यूटर बाबा ने पिछले दिनों राज्यमंत्री के दर्जे से इस्तीफा दे दिया था अब वह खुलकर विधानसभा चुनाव से ऐन पहले शिवराज सरकार को घेर रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार में संतों का सम्मान नहीं होता है।
एक तरह से इंदौर में कंप्यूटर बाबा के आश्रम पर मिनी कुंभ लग चुका है । संत समागम में 5 वर्ष से लेकर 100 वर्ष तक संत शामिल होंगे। अभय प्रशाल में संत समागम होगा। यहां कंप्यूटर बाबा मन की बात करेंगे। इस दौरान वह शिवराज सरकार पर निशाना साधेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा उन्हें मनाने की पुरजोर कोशिश में है।
बताया जा रहा है कि इसके बाद कंप्यूटर बाबा ग्वालियर में 30 अक्तूबर, खांडवा में 4 नवंबर, 11 नवंबर को रीवा और 23 नवंबर को जबलपुर में संतों से मुलाकात करेंगे।
कंप्यूटर बाबा ने राज्य सरकार पर धर्म और संत समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए राज्यमंत्री का दर्जा छोड़ दिया था। उन्होंने सरकार की ओर से गो मंत्रालय बनाए जाने की घोषणा पर भी सवाल उठाए थे। इसके अलावा सरकार से अलग नर्मदा मंत्रालय बनाने की मांग की थी।