अशोकनगर जिले के ईसागढ़ निवासी कामता बाई पत्नी राजेश जाटव ने आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने नसबंदी फेल होने पर आर्थिक सहायता राशि जारी करने की गुहार लगाई है। दरअसल, कामता बाई पत्नी राजेश जाटव ने जनवरी 2024 में ईसागढ़ के सरकारी अस्पताल में नसबंदी कराई थी। लेकिन नसबंदी के बाद भी महिला प्रेग्नेंट हो गई और सितंबर में उसने बच्ची को जन्म दिया।
बता दें कि महिला का पति मजदूरी करता है और जैसे-तैसे परिवार का भरण पोषण कर पाता है। चौथे संतान के जन्म के कारण उसकी आर्थिक स्थिति और बत्तर हो गई है। अब मजदूर प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाते हुए चक्कर लगा रहा है और कई मर्तवा आवेदन दे चुका है। मजदूर ने इस मामले में अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
गौरतलब है कि पीड़ित परिवार मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करता है। ऐसे में अपने तीन बच्चे होने के बाद उसने सरकारी अस्पताल में अपनी पत्नी की नसबंदी कराई, लेकिन उसके बावजूद भी उसकी पत्नी गर्भवती हुई और उसने चौथी संतान को जन्म दे दिया। ऐसे में मजदूर परेशान है, क्योंकि जैसे-तैसे मजदूरी करके वह अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। ऐसे में उसकी पत्नी ने चौथी संतान को भी जन्म दे दिया।