अशोकनगर में शनिवार देर शाम कांग्रेस की एक सूची सोशल मीडिया पर सामने आई। इसमें कांग्रेस के टिकट के दावेदारों के नामों की सूची में बीजेपी नेता दीपक पालीवाल का नाम भी था। सूची सामने आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में होने लगी थी। रविवार को बीजेपी कार्यालय पर मंडल अध्यक्ष की उपस्थिति में दीपक पालीवाल द्वारा प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें उनके द्वारा इस बात का खंडन किया गया कि उनके द्वारा कोई बायोडेटा कांग्रेस को नहीं दिया गया है।
दीपक पालीवाल ने कहा, उनके द्वारा कांग्रेस से टिकट की दावेदारी नहीं की जा रही है। कांग्रेस द्वारा उनकी छवि धूमल करने को लेकर इस तरह की सूची में उनका नाम जारी किया गया है। उनका कहना था कि मैं बीजेपी का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं और भाजपा में ही रहूंगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कोई प्रत्याशी नहीं मिल रहा है, इसलिए वह इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं। उनका कहना है कि वह इसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी करेंगे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची में उनके नाम को गलत बताया।
जबकि संभावित कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम में आशीष पालीवाल से इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे पास जो लिस्ट आई है, उसमें मेरा ही नाम है। मेरे दादाजी भी कांग्रेसी थे, मेरे पिताजी भी कांग्रेसी रहे और मैं भी कांग्रेसी हूं। दिग्विजय सिंह जी के द्वारा ही मैंने कांग्रेस ज्वॉइन की है। परंपरागत रूप से मैं कांग्रेसी हूं, मेरी जिला अध्यक्ष से भी बात हुई थी। कांग्रेस पार्टी द्वारा आठ प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है और हमारी पार्टी के पास प्रत्याशी भी हैं, मुकाबला करेंगे। पिछली बार भी कांग्रेस पार्टी के द्वारा अच्छा प्रत्याशी दिया गया था। यह अलग बात है कि उपचुनाव में शासन-प्रशासन का अत्यधिक दबाव रहता है, अतिरिक्त प्रयास रहता है।
उनके अभी तक यहां पर जो चुनाव लड़े गए हैं, वह उपचुनाव रहे थे। उपचुनाव और आम चुनाव में अंतर होता है और उसका परिणाम परिलक्षित होगा। यह सामान्य तरह का चुनाव होगा, इसमें सांसद या मुख्यमंत्री आपकी रक्षा करने के लिए नहीं आ जाएंगे।
वहीं, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नोबेन्द्र शर्मा के द्वारा बताया कि कमलनाथ के दौरे पर कांग्रेस द्वारा संभावित प्रत्याशियों की लिस्ट जारी हुई है। इसमें मानवीय गलती से आशीष पालीवाल की जगह उनके चाचा दीपक पालीवाल का नाम आ गया है। हालांकि, दीपक पालीवाल पुराने कांग्रेसी थे। कांग्रेसियों के दिल में आज भी बसे हुए कहीं न कहीं आशीष पालीवाल की जगह दीपक पालीवाल नाम है। यह एक छोटी सी गलती है और गलती को सुधार लिया गया है।