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Anuppur: सिर कटी लाश की गुत्थी 48 घंटे में सुलझी, अंधविश्वास में कर दी थी झाड़ फूंक करने वाले की हत्या

Thu, 15 Feb 2024 09:33 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, अनूपपुर

सार

अनूपपुर में सिर कटी लाश की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने झाड़-फूंक के अंधविश्वास में उसकी गर्दन कुल्हाड़ी से काट दी थी। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अनूपपुर में तीन दिन पहले मिली सिर कटी लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मामला अंधविश्वास से जुड़ा हुआ है। झाड़-फूंक कराने के बाद भी समस्या का हल नहीं होने पर हत्या की गई थी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले को सुलझाने में 14 साल के बालक की अहम भूमिका रही।
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बता दें कि अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शिवरीचंदास में 12 फरवरी को रघुवर सिंह आयाम पिता स्व. भद्दू सिंह (48) का सिर कटा शव मिला था। पुलिस ने मामले में धारा 302 का अपराध अज्ञात आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था। जांच के बाद पता चला कि गांव का एक व्यक्ति पत्नी से अक्सर झगड़ा करता था। बच्चे भी बीमार रहते थे। इस पर वह गुनिया रघुवर से झाड़ फूंक कराने पहुंचा था। पर इसके बाद भी उसकी समस्या कम होने की बजाय और बढ़ गई। इसी के विवाद में हत्या की गई। घटनाक्रम में 14 वर्षीय बालक द्वारा बताए सुराग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल जोन शहडोल ने बालक को 30000 रुपये का इनाम दिया है।

परिजनों एवं गांव के लोगों ने बताया कि मृतक रघुवर खेती-किसानी के अतिरिक्त झाड़ फूंक गुनिया का काम करता था। पुलिस ने जब मामले में पूछताछ शुरू की तो 14 वर्षीय बालक ने मृतक रघुवर सिंह का गांव के ही भीमसेन परस्ते के साथ दुकान में आकर नारियल-अगरबत्ती लेना। दोनों का साथ में जाना बताया। उक्त तथ्य के आधार पर संदेही भीमसेन परस्ते से पूछताछ की गई तो उसने घटना कारित करना स्वीकार कर लिया।
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भीमसेन ने बताया कि नौ फरवरी को मौनी अमावस थी। इस दिन मृतक रघुवर सिंह को करीब 04.30 बजे पूर्व सरपंच राजू सिंह के खेत में झाड़ फूंक के उद्देश्य से ले गया था। पिछले छह माह से भीमसेन का पत्नी से  झगड़ा होता था और दोनों बच्चों की भी आये दिन तबीयत खराब रहती थी। जिसके लिए वह रघुवर सिंह से झाड़ फूंक कराता था, लेकिन झाड़ फूंक करने के पश्चात समस्या घटने की बजाय और बढ़ गई। तीन महीने पहले भीमसेन की पत्नी उसे छोड़कर अपने मायके चली गई और बच्चे वैसे ही बीमार रहते और परेशानी बढ़ गई। इसका जिम्मेदार रघुवर सिंह को मानते हुए भीमसेन ने उसकी हत्या करने की योजना बनाना शुरू कर दिया। 

9 फरवरी को भीमसेन रघुवर को झाड़ फूंक का बोलकर ले गया और राजू सिंह के खेत में रोककर अपने घर से झाड़ फूक का सामान चावल आदि लेने पास ही मकान में चला गया। जहां से छिपाकर कुल्हाड़ी ले आया। रघुवर, राजू सिंह के खेत में खड़ा था उसके पास पहुंचकर खेत का पत्थर उठाकर रघुवर के मुंह पर दे मारा। इससे रघुवर अचेत होकर जमीन पर गिर गया। फिर कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन के पीछे तब तक वार किया जब तक उसकी गर्दन धड़ से अलग नही हो गई। मृतक की पहचान ना हो पाए इसके लिए आरोपी ने मृतक के जेब से उसका आधारकार्ड निकाल लिया। आरोपी की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार कुल्हाड़ी, घटना के दौरान आरोपी के पहने कपड़े बरामद करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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