रीवा के त्योथर क्षेत्र से मानवता और सिस्टम को शर्मशार कर देने वाली एक तस्वीर समाने आई। यहां पर रहने वाले मुसहर परिवार के सदस्य अचानक हैजा की गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गए। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर एंबुलेंस पहुंची और मरीजों को लेकर अस्पताल जाने लगी। कुछ दूर जाने के बाद एंबुलेंस कर्मचारियों को हैजा का ऐसा भय सताया कि वह तीनों मरीजों को जबरन सड़क किनारे उतार कर एंबुलेंस सहित वहां से भाग गए।
इसके बाद रास्ते पर पड़ी एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद इलाज के अभाव में मृत हुई महिला को शव वाहन भी नसीब नहीं हुआ। परिजन उसके शव को बांस और चादर के सहारे बांधकर वापस अपने घर ले गए। वहीं, पूरे घटना क्रम का वीडियो भी सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है।
हैजा के मरीजों को रास्ते में छोड़कर भागे एंबलेंस के कर्मचारी
दरअसल, मामला त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के दत्तुपुर गांव का है। यहां पर रहने वाले मुसहर परिवार के तीन सदस्य अचानक हैजा की गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गए। तीनों की हालात काफी गंभीर थी। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एंबुलेंस कर्मचारियों ने मरीजों को एंबुलेंस में बैठाया और अस्पताल के लिए निकल गए। लेकिन हैजा का खौफ एंबुलेंस कर्मचारी पर ऐसा दिखा कि एंबुलेंस कर्मचारियों ने तीनों मरीजों को जबरन बीच रास्ते में उतारा और वहां से एंबुलेंस सहित भाग गए।
इलाज के अभाव में महिला ने तोड़ा दम
घटना के बाद स्थानीय लोग वहां पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अपने वाहन के जरिए हैजा से गंभीर दो लोगों को अस्पताल पहुंचाया। जबकि हैजा से ग्रसित महिला ने मौके पर दम तोड़ दिया। इसके बाद मानवता यहीं पर नही मरी, बची कुची मानवता सिस्टम ने शर्मसार कर दी।
बांस और चादर के शहारे शव बांधकर घर ले गए परिजन
महिला की मौत के बाद उसे शव वाहन तक नसीब नहीं हुआ, जिसके बाद परिजनों ने बांस और चादर का इंतेजाम किया। उसी के सहारे शव को बांधकर कई किलोमीटर दूर का पैदल सफर कर अपने गांव अपने घर पहुंचे। सिस्टम शर्मसार करने वाली घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जामकर वायरल हो रहा है। एंबुलेंस कर्मचारियों ने अगर महिला सरोजा मुसहर को सही समय पर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा देते तो शायद उस गरीब महिला की जान बचाई जा सकती थी।
मामले पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने कही कार्रवाई की बात
मामले पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केएल नामदेव का कहना है कि दोपहर डेढ़ बजे के आसपास सांसद जनार्दन मिश्रा से गांव में हैजा फैलने की जानकारी प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को गठित करके मौके के लिए भेजा गया है। जो भी मरीज हैजा ग्रसित हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाकर इलाज किया जाएगा। किसी एंबुलेंस कर्मचारी के द्वारा किए गए कृत्य को लेकर CMHO ने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, महिला की मौत और शव वाहन उपलब्ध न होने के सवाल पर CMHO ने जानकारी न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।