राजधानी भोपाल में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) का स्लीपर सेल पकड़ने के बाद प्रदेश में संगठन के नेटवर्क की जांच की जाएगी। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गहराई से जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित होगी। संदिग्धों की पहचान के लिए प्रदेश के थानों से भी जानकारी मंगवाई गई है।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पकड़े गए 4 में से 3 जेएमबी सदस्यों ने बांग्लोदश का निवासी होना स्वीकार किया है। अब प्रदेश में संगठन के नेटवर्क की गहराई से जांच की जाएगी। संदिग्धों की पहचान, पूछताछ के लिए सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश पहले से अलर्ट है।
गृहमंत्री ने बताया कि पकड़े गए सदस्य 1 साल से राजधानी में रह रहे थे। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वे क्या साजिश रच रहे थे। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि आरोपी बंगाल और गया (बिहार) के बम धमाकों की तरह प्रदेश में भी आतंकी घटना को अंजाम देना चाहते थे। इसी के लिए स्लीपर सेल को एक्टिव कर रहे थे। पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में जेहादी साहित्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व संदिग्ध दस्तावेज मिले है। एटीएस ने शनिवार रात ऐशबाग इलाके के एक घर से चारों को पकड़ा है।
इन आरोपियों को पकड़ा
पकड़े गए आरोपी में 32 वर्षीय फजहर अली उर्फ मेहमूद पिता अशरफ इस्लाम, 24 वर्षीय मोहम्मद अकील उर्फ अहमद पिता नूर अहमद शेख, 28 वर्षीय जहूरउद्दीन उर्फ इब्राहिम उर्फ मिलान पठान उर्फ जौहर अली पिता शाहिद पठान और फजहर जैनुल आबदीन उर्फ अकरम अल अहसन उर्फ हुसैन पिता अब्दुल रहमान शमिल है।
केन्द्र ने लगाया है प्रतिबंध
जेएमबी ने पश्चिम बंगाल के वर्धमान में बम ब्लास्ट किया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। 2018 में बोधगया में भी ब्लास्ट किया था। इन घटनाओं के चलते केन्द्र ने जेएमबी को 2019 में 5 वर्ष के लिए प्रतिबंधित संगठन घोषित किया है। इसके चलते जेएमबी देशभर में अलग-अलग जगह स्लीपर सेल चला रहा है। भोपाल में पकड़ाया मॉडयूल ऐसे ही एक स्लीपर सेल का हिस्सा है।
बांग्लादेश में किया नरसंहार
जमात ए मुजाहिद्दीन बांग्लादेश संगठन ने 2005 में बांग्लादेश के 50 शहरों व कस्बों के 300 स्थानों पर लगभग 500 छोटे बम विस्फोट किए थे। साथ ही बांग्लादेश में बड़े स्तर पर नरसंहार भी किया था।