देश में जानलेवा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें भी बंद करने से मध्यप्रदेश के भोपाल में शराबियों का अलग ही कारनामा सामने आया है। कथित तौर पर भोपाल के कुछ शराबियों को जब शराब नहीं मिली तो तलब मिटाने के लिए उन्होंने सैनिटाइजर का सेवन करना शुरू कर दिया। हालांकि, राज्य के अधिकारियों ने इस संबंध में कोई जानकारी होने से इनकार किया है।
वार्ष्णेय ने कहा, बाजार में उपलब्ध अधिकतर सैनिटाइजर में एल्कोहल की बहुत अधिक मात्रा होती है, लेकिन इसका सेवन करने से एथेनॉल पॉयजनिंग हो सकती है और व्यक्ति कोमा में जा सकता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है। शराब डिस्टिलर में बनने वाले सैनिटाइजर में एथिल एल्कोहॉल और हाइड्रोजन पराक्साइड होती है, यह मिश्रण जहरीला होता है। व्हिस्की की एक बोतल में जितनी शराब होती है उसके मुकाबले सैनिटाइजर में एल्कोहल की मात्रा करीब दोगुनी होती है।
उन्होंने कहा, मुझे इस बारे में पता चला है कि लॉकडाउन के दौरान कुछ शराबी सैनिटाजर का सेवन कर रहे हैं और अपनी जान खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समय तीन तरह के सैनिटाइजर का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन कुछ लोग उन सैनिटाइजर का सेवन कर रहे हैं जिन्हें शराब डिस्टिलर्स ने बनाया है।
हालांकि, मध्यप्रदेश के आबकारी आयुक्त राजेश बहुगुणा ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, सैनिटाइजर मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं। लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं, पुलिस के मुताबिक, शनिवार को रायसेन जिले के सुल्तानपुर इलाके में इंदल सिंह राजपूक नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। यह व्यक्ति कथित तौर पर सैनिटाइजर से शराब बना रहा था।