राजस्थान में अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने अपने बेटे नसीरूद्दीन चिश्ती को उत्तराधिकारी घोषित किया है। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स के समापन समारोह में शनिवार रात चिश्ती को दरगाह का अगला दीवान बनाने का एलान किया गया। दीवान ही दरगाह का आध्यात्मिक प्रमुख होता है।
हालांकि 12वीं शताब्दी की पवित्र दरगाह के कुछ खादिमों ने इसका विरोध भी किया। इन लोगों ने खान और चिश्ती को जन्नती दरवाजे से होकर मुख्य दरगाह में जाने से रोक दिया। खान अपने बेटे के साथ कुछ धार्मिक अनुष्ठान करना चाहते थे। एसपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि दरगाह दीवान अली खान और खादिमों के बीच कुछ मुद्दे हैं।
इसी को लेकर खान को अंदर जाने से रोका गया लेकिन पुलिस ने दखल देते हुए रविवार तड़के इस मामले को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद दरगाह दीवान अपने बेटे के साथ वापस लौट गए। इसके बाद खादिमों ने दरगाह के दरवाजे खोले और अन्य रस्में और कार्यक्रम पूरे किए गए।