जंगल में पहुंचते ही अग्नि चीता कूनो नेशनल पार्क की सीमा से बाहर
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अग्नि चीता कूनो नेशनल पार्क की सीमा से 2 दिन से बाहर है। जिस पर कूनो की ट्रैकिंग टीम लगातार चीते पर नजर बनाए हुए है। सूचना पर से वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर चीता अग्नि के मूवमेंट पर नजर रख रही है। लगभग 100 दिनों से बड़े-बाड़े में बंद चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है। इन तीन दिनों में चार चीतों को खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। सर्वप्रथम कूनो के पारोंन जंगल में अग्नि और वायु चीते को छोड़ा गया था, जिसमें अग्नि चीता एक बार फिर कूनो नेशनल पार्क की सीमा से बाहर जा चुका है।
चीता से इंसान को कोई खतरा नहीं
चीता एक्सपर्ट और फॉरेस्ट की आधा दर्जन गाड़ियों के साथ वन विभाग की टीमें चीते के गले में लगे कॉलर आईडी से चीते के ऊपर नजर बनाए हुए है। चीता एक्सपर्ट की माने तो चीता से इंसान को कोई खतरा नहीं है, चीते इंसानों पर हमला नहीं करते हैं। ऐसे में ग्रामीण कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएं, जिससे चीते को नुकसान पहुंच सकता हो।
बाड़े में लाया गया था चीता
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ थिरुकुराल आर का कहना है कि अग्नि चीता रियल जोन से बाहर है और वह बफर जोन के जंगल में ही है। वहां पर हमारी ट्रैकिंग और वन विभाग की टीम लगातार चीते के ऊपर नजर बनाए हुए हैं। इसके पहले भी पवन चीता कूनो नेशनल पार्क से निकलकर रिहायशी इलाकों में होते हुए पोहरी और शिवपुरी के जंगल में जा पहुंचा था, जिसको तीन बार ट्रेंकुलाइज कर कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में लाया गया था।