बिना अनुमति किया गया नलकूप खनन।
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बिना अनुमति नलकूप खनन किए जाने को लेकर राजस्व विभाग द्वारा किसान पर अर्थदंड लगाने की कार्रवाई की गई है। दरअसल आगर मालवा कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित कर नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया है। प्रतिबंध के बावजूद ग्राम झोंटा में किसान द्वारा नलकूप खनन कराए जाने की जानकारी सामने आई थी। जिस पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया गया और जांच प्रतिवेदन एसडीएम को सौंपा गया था। मामले में एसडीएम किरण बरबड़े ने बिना अनुमति नलकूप खनन करने पर ग्राम झोंटा किसान, भूमि स्वामी अंदरबाई पति मान सिंह पर पांच हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया है। कार्रवाई नायब तहसीलदार झोंटा के प्रतिवेदन के आधार पर मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 एवं संशोधन अधिनियम 2022 के अंतर्गत की गई है। संबंधित तहसीलदार अर्थदंड की राशि कृषक से वसूलकर शासकीय कोष में जमा करवाएंगे।
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रात के अंधेरे में हो रहा था खनन
भूमि स्वामी अंदरबाई पति मानसिंह ने सर्वे-1167/1 पर रात में बिना अनुमति के टयूबवेल का खनन करवाया। सूचना मिलने और दिन में नायब तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी के साथ मौके पर पहुंचे। पंचनामा बनाकर अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए एसडीएम को प्रतिवेदन भेजा था।
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जिले में लगातार घट रहा भू-जल स्तर
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले में घटते भू-जल स्तर को देखते हुए जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। यह घोषणा मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 और संशोधन अधिनियम 2002 की धारा-3 के तहत की गई है। जिले में सभी प्रकार के अशासकीय और निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया है। अधिकारियों ने जिले के नागरिकों से भी अपील की है कि वह जिले में कहीं भी नलकूप खनन होने की जानकारी लगने पर प्रशासन को सूचना दें। जिससे उचित कार्रवाई की जा सके।