आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं से नकद राशि और सोने-चांदी के आभूषण दान के रूप में एकत्रित किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंदिर परिसर में एक अशासकीय समिति बनाकर दान संग्रह किए जाने और रसीदें जारी करने के आरोपों के बाद कलेक्टर प्रीति यादव ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसे सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
Alleged financial irregularities in donations at Baglamukhi Temple in Agar Malwa, Madhya Pradesh | District Collector to constitute a three-member inquiry committee.
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The panel will investigate claims that a non-governmental committee collected cash, and gold and silver offerings… pic.twitter.com/NpR2nll8Kk — ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) July 8, 2026
सियासी माहौल गरमाया
अयोध्या के राम मंदिर में चंदे को लेकर उठे विवाद के बाद अब मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने सियासी माहौल गर्मा दिया है। श्रद्धालुओं से मिले नकद दान, सोने-चांदी के आभूषण और चढ़ावे के हिसाब-किताब में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा है कि जांच में यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।