एक तरफ तो सरकारें देश की शिक्षा को बेहतर बनाने की बात करती हैं लेकिन दूसरी ओर कई ऐसे उदाहरण सामने आते हैं जिससे ये विश्वास ही नहीं होता कि सरकारें इस दशा में कोई काम कर रही है।
हाल का मामला मध्य प्रदेश के खंडवा का है जहां सीवर पुनर्वास स्थित एक ग्रामीण स्कूल में 15 दिन पहले तक कुल तीन बच्चे और दो शिक्षिकाएं थी लेकिन कुछ दिनों पहले दो बच्चों ने निजी स्कूल में प्रवेश ले लिया।
जिसके बाद पूरे स्कूल में केवल एक बच्चा बचा है जिसके अभिभावक अब ट्रांसफर सेर्टिफिकेट मांग रहे हैं लेकिन स्कूल प्रशासन ने टीसी देने से मना कर दिया है क्योंकि अगर ये बच्चा चला गया तो फिर स्कूल में बच्चों की संख्या शून्य हो जाएगी।