बुरहानपुर जिले के दत्त गांव मंदिर चिंचाला फूलवाला प्लॉट निवासी 79 साल के एक बुर्जुर्ग को मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर अपने जीवित होने का प्रमाण देना पड़ा। बुजुर्ग ने कुछ महीने पहले हुए पंचायत चुनाव में मतदान किया था। हर महीने उन्हें राशन भी मिल रहा है। 12 महीने से पेंशन ने उन्हें मृत मानकर पेंशन नहीं दी जा रही है। इसको लेकर न्याय की आस में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के लिए मजबूर है।
आपको बता दें कि पंचायत की ओर से जो रिकार्ड जनपद पंचायत को भेजा है। उसमें बुजुर्ग को मृत बता दिया गया है। यह आरोप 79 साल के बुजुर्ग राजाराम पिता शंकर चौधरी के बेटे प्रदीप चौधरी ने लगाए। उन्होंने बताया पिता की पेंशन जनवरी 2022 से बंद है। रिकॉर्ड में उन्हें मृत माना जा रहा है, जबकि उनके जीवित होने के दस्तावेज की छात्रा प्रति ग्राम पंचायत चिंचाला सचिव को दिए हैं। लेकिन अब तक वृद्धावस्था पेंशन खाते में नहीं आई।
ऑपरेटर ने बताया मौत हो चुकी है...
शिकायत जब जनपद पंचायत में की गई तो वहां के ऑपरेटर ने बताया कि राजाराम चौधरी की तो मौत हो चुकी है। ऐसा उन्हें ग्राम पंचायत द्वारा सर्वे में बताया। प्रदीप चौधरी ने कहा, जबकि मेरे पिता हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में मतदान कर चुके हैं। उनका राशन भी चालू है। इसके बाद भी उनकी 12 महीने से पेंशन बंद है। पीड़ित राजाराम चल फिर नहीं सकते। उनका बेटा उन्हें व्हीलचेयर पर कलेक्टर कार्यालय लाया था और वहां आपबीती सुनाई। यहां अफसरों को जनसुनवाई में लिखित शिकायत कर जीवित होने के प्रमाण सौंपे और पेंशन चालू कराने की मांग की।