मध्यप्रदेष विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने इंदौर मेडिकल कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करने वाले ऐसे तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने प्री-पीजी परीक्षा में पैसे देकर मेरिट हासिल की थी। इनमें से एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी का बेटा है।
एसटीफ ने रविवार को तीन डॉक्टरों डॉ. अनुराग जैन, डॉ. समीर मंडलोई और डॉ. सनी जुनेजा को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के जनरल मैनेजर प्रदीप रघुवंशी ने 65-75 लाख रुपए लेकर इन तीनों को प्री-पीजी परीक्षा में पहला, चौथा और छठा स्थान प्राप्त किया है।
पीएमटी पास नहीं, प्रीपीजी के टॉपर
अनुराग जैन एक ऐसा डॉक्टर रहा जिसके पिता अनुराग जैन आईएएस हैं। अनुराग 2005 में पीएमटी की परीक्षा पास नहीं कर सका तो मुंबई से भारतीय विद्यापीठ से बीडीएस किया।
बाद में डीमैट देकर अरबिंदो कालेज में एमबीबीएस में भर्ती हो गया। एमबीबीएस में तो उसे 60 फीसदी अंक मिले लेकिन प्रीपीजी में उसने 90 फीसदी अंक हासिल किए।
सनी जुनेजा भी ऐसा ही डॉक्टर है जो पीएमटी में पास नहीं हो सका फिर डीमैट के जरिए एमबीबीएस में भर्ती हुआ और बाद में प्रीपीजी में टॉपर बना।
उसे एमबीबीएस में तो 61 फीसदी अंक मिले लेकिन प्रीपीजी में 87 फीसदी अंक मिले और मेरिट में उसका नाम चौथे स्थान पर था।
समीर मंडलोई को एमबीबीएस में 61 फीसदी अंक मिले लेकिन मेरिट में छठवां स्थान मिला।
पिताजी जाएंगे जेल
पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों के साथ ही उनके पिता को भी सहअभियुक्त बनाया जाएगा। इन पर रिश्वत देने का आरोप लगाया जाएगा।
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