मध्य प्रदेश में लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। यहां तीन साल में दस साल से कम उम्र की 166 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनायें हुई हैं। इतना ही नहीं इनमें से 19 बच्चियों की जान भी चली गई।
यह जानकारी बुधवार को विधानसभा में निर्दलीय विधायक पारस सकलेचा के इस संबंध में पूछे गए सवाल पर गृहमंत्री उमाशंकर ने दी। मालूम हो की इससे पहले विधानसभा में गृहमंत्री ने बताया था की पिछले पांच सालों में 4,990 नाबालिग लड़कियों लापाता हुई हैं, जिन्हें ढूंढ पाने में पुलिस असफल रही है।
गृहमंत्री ने बताया कि वर्ष 2010 से अभी तक 166 बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं। इस मामले में भोपाल सबसे आगे है जहां सबसे ज्यादा 12 घटनायें हुई हैं। इसके अलावा कटनी में नौ, सागर व पन्ना में आठ-आठ बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनायें हुई हैं।
गृहमंत्री के आंकड़ों के अनुसार पिछड़े वर्ग की सबसे अधिक बच्चियां दुष्कर्म की शिकार हुई हैं। इस वर्ग की 59 बच्चियों के साथ दुष्कर्म हुए। दुष्कर्म की शिकार बनी 19 बच्चियों की हत्या तक कर दी गई। इनमें से आठ बच्चियां अनुसूचित जाति की थीं।