चुनावों के वक्त बात अगर दागी प्रत्याशियों की हो तो कई नेताओं के नाम जुबानी याद आ जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि मध्यप्रदेश के 143 दागी प्रत्याशियों में 11 ऐसी महिलाएं भी हैं जिन पर गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
इन 11 महिला प्रत्याशियों पर हत्या, हत्या के प्रयास और अपहरण जैसे संगीन अपराधों के मामले दर्ज हैं।
और इस लिस्ट में सबसे अधिक मामले दर्ज हैं कांग्रेस की महिदपुर सीट की प्रत्याशी कल्पना परुलेकर पर। उन पर आईपीसी सेक्शन 506 के तहत एक दर्जन से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं।
दूसरे नंबर पर हैं बीएसपी की रेखा चंदन राय हैं जिन पर 10 आपराधिक मामले चल रहे हैं।
इसके बाद तीसरे नंबर पर हैं शमीम मेघानी जो हरदा से समाजवादी जन परिषद की उम्मीदवार हैं। उन पर 6 आपराधिक मामलों में कार्रवाई चल रही है।
अभी भी है दागियों की फौज
मध्य प्रदेश के 219 विधायकों में से 55 दागी हैं। इन विधायकों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन दागी नेताओं में कई मंत्री भी शामिल हैं।
जिन मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं वे हैं कैलाश विजयवर्गीय, बाबूलाल गौर, अजय विश्नोई और शंकर गुप्ता।
नेशनल इलेक्शन वॉच नाम के एक एनजीओ की राज्य यूनिट की ओर से किए गए एक सर्वे के मुताबिक दागी विधायकों में से 28 सत्तारुढ़ दल भाजपा के हैं और 21 विपक्षी दल कांग्रेस के।
दागी विधायकों की कतार में बहुजन समाजवादी पार्टी भी कम नहीं है। बसपा के तीन विधायक दागी हैं। इस एनजीओ ने 2008 में 219 विधायकों की ओर से दाखिल शपथ पत्रों की पड़ताल के बाद यह खुलासा किया है।