मां-बाप के गुजर जाने के बाद अकेले रह गए करीब तीन साल के नन्हे हिप्पो आदित्य के लिए लखनऊ जू प्रशासन अब नन्ही दुल्हनिया की तलाश कर रहा है। गत जून-जुलाई में एक-एक कर अपने मां-बाप से बिछड़ चुका आदित्य सदमे में आ गया था।
उसके दर्द और अकेलेपन को दूर करने के लिए ही कम उम्र की मादा हिप्पो की तलाश तेज कर दी गई है। जू प्रशासन का मानना है कि इससे एक तो हिप्पो आदित्य को कंपनी मिल जाएगी और दूसरा वे आगे चलकर कुनबा भी बढ़ा सकते हैं।
इसके लिए जू प्रशासन ने देश भर के उन प्राणि उद्यानों में एक्सचेंज के प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर ली है, जहां दरियाई घोड़ों की संख्या अतिरिक्त है।
मालूम हो कि गत 25 जून को पहले मां मुन्नी को पडे़ दिल केदौरे और 20 जुलाई को पिता बादल की अचानक मौत के बाद से आदित्य सदमे में है।
लंबे समय तक ‘नो मैन मूवमेंट जोन’ में रहने केबाद करीब तीन साल के आदित्य ने अब कीपरों के अलावा चिकित्सकों को रिस्पांस तो देना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी भी वो दर्शकों की संख्या देखकर भाग जाता है या पानी में अंदर बैठ जाता है। रात में और तड़के सुबह वो पानी में या खुले में ही पाया जाता है, लेकिन बाकी समय वो कमरे में ही दुबका रहता है।
पता नहीं चली बादल हिप्पो की मौत की वजह
हिप्पो बादल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
चिकित्सकों के मुताबिक, ऐसे में बेहतर रहेगा कि उसके लिए किसी साथी की खोज की जाए। मादा साथी उसी की हमउम्र या एक-दो साल बड़ी भी रहेगी तो दोनों के लिए ठीक रहेगा। आगे चलकर दोनों जोड़ा बनाकर कुनबा बढ़ा सकते हैं।
इसे लेकर जू प्रशासन चार प्राणि उद्यानों के पास प्रस्ताव भेज चुका है। उधर, लगभग एक हफ्ते तक हिप्पो आदित्य अपने बाड़े के दोनों पूल में अकेले में देखा गया, लेकिन मानवीय गतिविधियां बढ़ते ही वो अंदर चला जाता है। इन दिनों वह खीरा, हरी चरी, चोकर और गाजर की खुराक ले रहा है।
20 जुलाई की दोपहर 1:40 बजे पानी से निकला बादल हिप्पो किस कारण मरा था, इसका खुलासा लगभग दो माह बाद भी नहीं हो पाया है। तब वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए सात डॉक्टरों केपैनल से पोस्टमार्टम कराया, आईवीआरआई की टीम ने सैंपल लेकर विस्तृत जांच के बाद मौत का कारण एक माह में बताने की बात कही थी।
लेकिन 21 जुलाई को हुए बादल हिप्पो के पोस्टमार्टम के बाद 18 सितंबर तक भी जू प्रशासन को अब तक कोई रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। निदेशक जू आरके सिंह ने बताया कि हमने उन्हें रिमांइडर भेजे हैं, हमें रिपोर्ट का इंतजार है।