राजधानी लखनऊ के हजरतगंज के डीआरएम ऑफिस के अंदर बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे युवक मो. जियाउल हक अपने तीन साथियों संग पानी टंकी पर चढ़ गया।
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वह मेरठ के खुशहालनगर का रहने वाला है और अपनी बस्ती में स्कूल, अस्पताल, बैंक, डाकघर और गैस एजेंसी खुलवाना चाहता है। सीएम से मिलने के बाद भी कार्रवाई न होने के चलते इस माह में दूसरी बार टंकी पर चढ़ा।
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धमकी दी कि सीएम से नहीं मिलवाया गया तो वह आत्मदाह कर लेगा। आश्वासन देकर किसी तरह पुलिस अफसरों ने दोपहर करीब 12 बजे उसे टंकी से उतारा, लेकिन शाम तक सीएम से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी थी। जबकि उसके तीन साथी दोपहर तीन बजे टंकी से उतरे।
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पीड़ित जियाउल हक ने बताया कि उसके इलाके में अल्पसंख्यक आबादी है। वह प्राथमिक अस्पताल, जच्चा-बच्चा केंद्र, प्राथमिक स्कूल व इंटर कॉलेज, बैंक, डाकघर और गैस एजेंसी सहित बिजली, पानी व सड़क की सुविधा के लिए कई साल से संघर्ष कर रहा है।
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सुबह वह अपने साथियों मो. अजरूद्दीन, आस मोहम्मद, मो. शादाब संग लखनऊ आया था। सुबह करीब पांच बजे डीआरएम ऑफिस के अंदर पानी टंकी पर चढ़ गया और पेट्रोल डालकर आत्मदाह की धमकी देने लगा।
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जानकारी पाकर हजरतगंज सीओ अशोक वर्मा और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दोपहर करीब 12 बजे अफसरों ने सीएम से मिलने का आश्वासन देकर जियाउल हक को नीचे उतारा। जबकि उसके साथियों को तीन बजे के बाद टंकी से उतारा गया। हालांकि, शाम तक उसकी मुलाकात सीम से नहीं हो सकी थी।
13 को खदरा में पानी टंकी पर चढ़ा था जियाउल हक
पुलिस ने बताया कि जियाउल हक अपनी मांगों को लेकर मेरठ में चार बार टंकी पर चढ़ चुका है। कोई सुनवाई न होता देख वह राजधानी आ गया। 13 दिसंबर को जियाउल हक खदरा स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया था। 12 घंटे पुलिस व प्रशासन को छकाने के बाद वह उतरा था।