लखनऊ। बख्शी का तालाब के कुम्हरावां गांव निवासी मो. मुस्तफा (25) सोमवार दोपहर हसनगंज के डालीगंज पुल के पास गोमती में नहाते समय डूब गए। पुलिस, गोताखोरों और एसडीआरएफ ने काफी देर तक खोजबीन की, पर उनका कुछ पता नहीं चला। मुस्तफा मानसिक रूप से कमजोर थे।
इंस्पेक्टर हसनगंज चितवन कुमार के मुताबिक मुस्तफा, पिता यूनुस और भाई मो. मुअज्जम के साथ कुम्हरावां में रहते थे। कुछ दिन पहले वह भाई के साथ डालीगंज में झुग्गी में रहने वाले मामा रईस के घर आए थे।
सोमवार दोपहर 12 बजे मुस्तफा भाई के साथ डालीगंज पुल होते हुए गोमती के किनारे पहुंचे और फिर नदी में नहाने उतर गए। उनका भाई किनारे ही खड़ा रहा। करीब 15 मीटर तक मुस्तफा तैरे और फिर डूबने लगे। यह देख मोअज्जम ने शोर मचाना शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोग पुलिस को जानकारी देने के साथ मुस्तफा को तलाशने लगे। इस बीच पुलिस और एसडीआरएफ के जवान पहुंचे और रेस्क्यू शुरू कर दिया। देर शाम तक मुस्तफा का पता नहीं चल सका। इंस्पेक्टर ने बताया कि घरवालों ने बताया कि मुस्तफा को मिर्गी की बीमारी भी थी। मंगलवार सुबह फिर खोजबीन की जाएगी।