कोतवाली के बाहर परिजनों ने किया प्रदर्शन
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लालगंज (रायबरेली) में बाइक चोरी के एक मामले में पूछतांछ के लिए कोतवाली लाए गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवारीजनों ने कोतवाली में प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि दलित युवक की पुलिस ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है। परिवारीजनों का कोतवाली में रो-रोकर बुरा हाल है। वह न्याय की गुहार कर रहे हैं।
मोहित उर्फ मोनू (21) व उसके भाई सोनू पुत्रगण स्व. रामबहादुर उर्फ छेदी रैदास निवासी बैजू का पुरवा मजरे बेहटाकलां को पुलिस 26 अगस्त को भोर में घर से सोते समय उठा लाई थी। पुलिस का कहना है कि दोनों से एक बाइक चोरी की बाबत पूछतांछ करने के लिए लाया गया था। जिसमें सोनू को कड़ी पूछतांछ के बाद 27 अगस्त को पुलिस ने जाने दिया था। लेकिन मोनू को कोतवाली में बैठाए रखा गया।
रविवार को चर्चाओं से पता चला कि मोनू की कोतवाली में मौत हो गई। बड़ी पूछतांछ के बाद पुलिस ने बताया कि वह बीमार था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। परिवारीजन व गांव के लोगों को जब मोनू के मरने का पता चला तो वह सब कोतवाली आए और आक्रोश प्रकट करते हुए पुलिस पर मोनू को मार डालने का आरोप लगाने लगे।
कोतवाली में मृतक के भाई सोनू ने मीडिया के सामने साफ तौर पर आरोप लगाया कि मेरे भाई को मेरे सामने पीटा गया। उसने कहा कि मेरे भाई को पुलिस ने मार डाला है। इस बाबत परिवारीजनों की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
एसपी स्वप्निल ममगई ने बताया कि युवक को लालगंज पुलिस चोरी के एक मामले में पूछतांछ के लिए लाई थी। वह बीमार था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। कोरोना की जांच भी कराई जा रही है। युवक का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया जाएगा और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। परिवारीजनों को बुलाया गया है। उनसे बात करके मामले में कार्रवाई की जाएगी।