अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हुआ अपराजिता कार्यक्रम।
लखनऊ। आत्मरक्षा का मतलब सिर्फ शारीरिक मुकाबला नहीं, बल्कि गलत के खिलाफ मजबूती से ''न'' कहना भी है। आपकी 'ना' आपका सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है। यह संदेश गोमतीनगर के विनय खंड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम में दिया गया। महिला कल्याण विभाग के विशेषज्ञों ने छात्राओं को मानसिक और कानूनी रूप से सशक्त होने के गुर सिखाए।
महिला कल्याण विभाग के हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट वंदना द्विवेदी और चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर जयावती ने महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। कहा कि अक्सर संकोच या डर के कारण शुरुआती छेड़छाड़ या दुर्व्यवहार को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे अपराधियों का दुस्साहस बढ़ता है। वंदना द्विवेदी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति चाहे वह परिचित ही क्यों न हो असहज तरीके से छूता है या बात करता है, तो बिना डरे उसे ''न'' कहें। इस अवसर पर अध्यापक नीलिमा सिंह व सभी छात्राएं मौजूद रहीं।
साझा कीं ये महत्वपूर्ण जानकारियां
साइबर बुलिंग : यदि कोई ऑनलाइन परेशान करता है तो 1930 या साइबर पोर्टल Cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
शून्य एफआईआर : महिला के साथ कोई अपराध होता है तो वह किसी भी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करा सकती है।
गोपनीयता का अधिकार : यौन उत्पीड़न या संवेदनशील मामले में पीड़िता की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है।
निशुल्क कानूनी सहायता : आर्थिक रूप से कमजोर या संकट में फंसी महिलाओं को सरकार की ओर से मुफ्त कानूनी सलाहकार उपलब्ध कराया जाता है।
हेल्पलाइन नंबर : 1090 (वीमेनपावर लाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 112 (आपातकालीन सेवा) व अन्य जरूरी हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में बताया।