अमेरिका व यूरोपीय देशों की समकालीन कला की तुलना में भारतीय उपमहाद्वीप की कला के साथ किए जा रहे प्रयोग सकारात्मक व सराहनीय है।
बस जरूरत है युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने की। यह बात अलीगंज स्थित आर्ट गैलरी कला स्रोत में आयोजित चर्चा में कलाकारों ने कही।
यहां मंगलवार को आर्ट बियॉन्ड बॉर्डर्स संस्था की ओर से भारत व बांग्लादेश के चित्रकारों की छह दिवसीय संयुक्त कार्यशाला की शुरुआत हुई, जिसमें स्थानीय कलाकार भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों के बीच सवाल-जवाब भी हुए।
चर्चा में भारत से आनंदमोय बनर्जी, बृंदा छुदासमा मिलर, धीरज चौधरी, जतिन दास, प्रनाम एस सिंह, आरबी भाष्करन, सुदीप रॉय, सीमा कोहली, सुशांत गुहा, स्वप्नदास उपस्थित थे।
बांग्लादेश से अहमद शम्सुद्दोहा, जमाल अहमद, कनक चम्पा, मोनिरुज्जामान, निसार हुसैन, रफीकन नबी, रंजीत दास, रुकैया सुलतान, शेख अफजल हुसैन व सुलेखा चौधरी सम्मिलित हुए।
इसके अलावा स्थानीय कलाकारों में जयकृष्ण अग्रवाल, रवि कपूर, अनुराग डिडवानिया, मानसी डिडवानिया, क्यूरेटर भूपेन्द्र अस्थाना और शांतनु शास्त्री भी मौजूद रहे।