लखनऊ। चारबाग स्टेशन पर पार्किंग के झंझट से जल्द राहत मिल जाएगी। आरक्षण केंद्र की ओर से एंट्री करने पर बाहर निकलने के लिए तीन रास्ते होंगे। कैबवे की ओर से जाने की बाध्यता खत्म होगी। डीआरएम कार्यालय ने जीआरपी को इन रास्तों से अतिक्रमण व अवैध वेंडरों को हटाने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के चारबाग स्टेशन पर एडीएमएस इंटरप्राइजेज को हाल ही में पार्किंग का ठेकादिया गया है। दस मिनट के लिए मुफ्त पार्किंग की सुविधा है। आरक्षण केंद्र की ओर से पार्किंग में एंट्री होती है। फिर यात्रियों को जंक्शन के सामने मंदिर वाली सड़क से निकलना पड़ता है, जबकि निकासी के दो और रास्ते हैं। जीआरपी कार्यालय के सामने बनी सड़क व ऑटो वाली गली से वाहनों की निकासी हो सकती है। ठेकेदार को ये सड़कें मिली हैं, लेकिन अवैध वेंडरों की वजह से रास्तों पर अतिक्रमण है। इन्हें हटाने की जिम्मेदारी जीआरपी की है, लेकिन जीआरपी प्रभारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। एडीएमएस की ओर से डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा को पत्र लिखकर निकासी के रास्तों को हैंडओवर कराने की मांग की गई। इसके बाद डीआरएम कार्यालय ने निकासी के लिए रास्तों को खाली करवाने के निर्देश जीआरपी को दिए।
कैबवे का मुद्दा भी होगा हल
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन पर बने कैबवे से गुजरने पर वाहनों को 60 रुपये देने होते हैं। वापसी चारबाग से होने पर 20 रुपये और देने पड़ते हैं। इसे लेकर रोजाना किचकिच होती है। इस मुद्दे को भी निस्तारित करवाने का आग्रह किया गया है। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे अफसर शामिल हैं, जो हफ्तेभर में रिपोर्ट देंगे।
जलभराव, वाहन खड़ा करना दूभर
चारबाग स्टेशन की बाइक पार्किंग स्टैंड में जलभराव है। ऐसे में यहां बाइक खड़ा करना दूभर हो गया है। इसे लेकर डीआरएम को पत्र लिखा गया है, जिसके बाद सफाई ठेकेदार को पार्किंग सफाई के लिए निर्देशित किया गया है।
आधिकारिक वर्जन
चारबाग स्टेशन पर पार्किंग की समस्याओं को दूर करने को लेकर समिति गठित की गई है। निकासी के लिए और रास्ते हैं, जो एजेंसी को दिए गए हैं। इससे जाम के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी
-कुलदीप तिवारी, सीनियर डीसीएम