इसके तहत डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी जिन कश्मीरी छात्रों को छात्रवृत्ति या शुल्क भरपाई के रूप में आर्थिक मदद की सिफारिश करेगी, उस पर शासन तत्काल निर्णय लेगा। यह सुनिश्चित करना डीएम की जिम्मेदारी होगी कि फीस न दे पाने के कारण यूपी में पढ़ रहे किसी भी कश्मीरी छात्र की परीक्षा प्रभावित न हो।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। इस पर अंतिम मुहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगाएंगे। उनका अनुमोदन मिलते ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया जाएगा।