डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में हिंसा के मामलों में कमी आई है। 2016 में जहां 65090 हिंसात्मक अपराध हुए थे, वहीं 2017 में यह आंकड़ा 64,450 है। उन्होंने दावा किया कि डकैती में 7.4 प्रतिशत, लूट में 9 प्रतिशत, उगाही में 54 प्रतिशत, फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं में 29.2 प्रतिशत की कमी आई है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर शत प्रतिशत मामले दर्ज किए जा रहे हैं, उसके बाद भी घटनाओं में कमी आई है।
सोशल मीडिया पर गलत तथ्य प्रचारित करने वालों पर नजर
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने दावा किया कि महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों के मामलों में अभियोजन में काफी तेजी आई है। पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया पर गलत तथ्य प्रचारित-प्रसारित करने वालों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो जल्द ही 2018 और 2019 के अपराध के आंकड़े जारी करेगा।