यूपी में आने वाले पर्यटकों और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान से जुड़े उत्तर प्रदेश के हिस्से को विकसित करने की योजना है। सरकार उन इलाकों को संरक्षित करने के लिए अभियान चलाने जा रही है, जहां बाघों की आवाजाही होती है। इस इलाके को ‘न्यू जिम कार्बेट’ नाम देने पर विचार हो रहा है। जल्द ही प्रस्ताव को कैबिनेट में रखने की तैयारी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश जारी किए।
यूपी सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया बिजनौर के अमानगढ़ में लगभग 80 वर्ग किलोमीटर में फैले इस जंगल को टाइगर सफारी बनाया जाएगा। यही जंगल उत्तराखंड के जिम कार्बेट जंगल से जुड़ा है। साथ ही, इसे इको और गंगा टूरिज्म से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यहां पर पर्यटकों के लिए विश्व पर्यटन स्थल की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
उत्तर प्रदेश में बाघों की संख्या 173 है। जिम कॉर्बेट का हिस्सा होने के कारण इस वन क्षेत्र में भी काफी संख्या में बाघ मौजूद हैं। सरकार की मंशा है कि यह क्षेत्र डेवलेप होगा तो यहां पयर्टक पक्षियों, वनस्पतियों, नदियों, झरनों, वादियों और पहाड़ों के साथ साथ तेंदुआ, बाघ और हिरण को देख भी सकेंगे।
हाथी की सवारी शुरू होगी
राज्स सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक जंगल सफारी के अलावा इस क्षेत्र में हाथी की सवारी, कैम्पिंग, ट्रैकिंग जैसी एक्टिविटीज का भी मजा लिया जा सकेगा। हाथी की सवारी के लिए महावत की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, कैम्पिंग और ट्रैकिंग के लिए ट्रेनर रखे जाएंगे। इससे पर्यटक पूरी सुरक्षा के साथ अपनी ट्रिप का लुत्फ उठा सकेंगे। पर्यटकों के ठहरने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त सरकारी विश्राम स्थल के साथ-साथ प्राइवेट होटल्स भी यहां खोले जाएंगे। इसके अलावा रिजॉर्ट और खाने-पीने के लिए कैंटीन की सुविधा भी सरकार उपलब्ध करवाएगी।
गंगा टूरिज्म को जोड़ा जाएगा
अमानगढ़ आने वाले पर्यटकों को गंगा टूरिज्म का लुत्फ भी मिलेगा। बिजनौर के महात्मा विदुर की कुटी, बालावाली, व गंगा बैराज को गंगा सर्किट में शामिल किया जा रहा है। इससे अमानगढ़ आने वाले पर्यटक इन स्थलों का भी आनन्द ले सकेंगे।
ओटीओपी से जोड़ा जाएगा
योगी सरकार के वन डिस्ट्रिक्ट वन डेस्टिनेशन (ओडीओडी) योजना में अमानगढ़ भी शामिल है। इसके तहत इसे इको टूरिज्म से जोड़ा जाएगा। इससे पर्यटकों को जंगल, ताल या झील के किनारे अपनी छुट्टियां बिता सकेंगे। वन-डे-टूर के तौर पर भी यह काफी मुफीद जगह हो जाएगी। गौरतलब है कि यूपी में दुधवा, पीलीभीत और अमनगढ़ के बाद राज्य में चित्रकूट के रानीपुर को चौथा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। रानीपुर वाइल्ड सेंचुरी को केंद्र सरकार ने देश के 53वें टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया है।