कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते शहर छोड़कर गांव लौट रहे आवासहीन प्रवासियों को योगी सरकार आवास प्लस योजना में प्राथमिकता के आधार पर घर उपलब्ध कराएगी। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के प्रवासियों के लिए लागू होगी। इसके लिए गांवों में पंजीकरण शुरू हो गया है।
लॉकडाउन के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से अब तक 25 लाख से अधिक प्रवासी यूपी लौट चुके हैं। इनमें से 75 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण हैं। वापस लौटे परिवारों में बड़ी संख्या में ऐसे भी हैं जिनके पास गांव में अपना आवास नहीं है।
ऐसे में उन्हें अब या तो अपने मूल गांव में ही किराए पर मकान लेना पड़ रहा है या फिर कच्चा मकान बनाकर रह रहे हैं। ग्राम्य विकास आयुक्त के. रवींद्र नाईक ने बताया कि जिन आवासहीन प्रवासियों ने आवास प्लस योजना में पंजीकरण कराया है उन्हें आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि केन्द्र सरकार से जल्द ही इस योजना के लिए इस वर्ष का लक्ष्य आवंटित हो जाएगा। नाईक ने बताया कि प्रवासियों के अलावा प्रदेश में अब तक आवास प्लस योजना के लिए 54 लाख 31 हजार परिवारों ने पंजीकरण कराया है।