उन्होंने बताया कि गो-सफारी को भविष्य में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। गो-सफारी में गायों को घूमने टहलने के लिए पर्याप्त स्थान मिलेगा। गो-सफारी में गोवंश के गोबर, गो-मूत्र आदि का सदुपयोग किया जा सकता है।
चौधरी ने बताया की विभागीय अधिकारियों को अन्य जिलों में भी भूमि तलाशने के लिए कहा गया है। योजना को क्रियान्वित करने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कराई जा रही है।