मुख्यमंत्री योगी को आकांक्षा के पिता राजेंद्र राव ने बताया कि वह एअरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं, पर हाल ही में उनको प्रदेश सरकार में शिक्षक की नौकरी भी मिल गई। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि बिटिया का चयन, पत्नी (रूचि सिंह) भी शिक्षक, आपकी तो लॉटरी ही लग गई।
उन्होंने कहा कि पति पत्नी दोनों लोग पूरे बिटिया को पूरे मनोयोग से पढ़ाएं। पूर्व एयरफोर्स कर्मी होने के नाते मैं चाहूंगा कि आप पूर्वांचल के बच्चों को सेना में जाने के लिए भी प्रेरित करें। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा और उनके छोटे भाई अमृतांश को टैबलेट, माता-पिता को शॉल देकर सम्मानित किया।
मेरे लिए यह सपना साकार होने जैसा
आकांक्षा ने कहा, मेरे लिए यह सपना साकार होने जैसा है। हम पूर्वांचल के हैं। बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमारे लिए श्रद्धेय हैं। स्वाभाविक है उनसे मिलने की दिली तमन्ना थी। इस तमन्ना के पूरी होने पर जो खुशी हो रही है उसे शब्दों में नहीं बया कर सकती।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे साथियों से आकांक्षा ने सफलता के मूल मंत्र भी शेयर किए। आकांक्षा ने कहा कि लक्ष्य ऊंचा रखें। इसे हासिल करने के लिए रणनीति बनाकर प्रयास करें। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी सफलता के लिए जरूरी है। असफलता से हताश न हों। उसकी वजह तलाशें और लक्ष्य हासिल करने के लिए फिर से जी-जान से जुट जाएं।
न्यूरो सर्जरी में शोध करने की इच्छा
आकांक्षा शुरू से ही मेधावी रही हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा उन्होंने क्रमश: नवजीवन मिशन स्कूल कसया और दिल्ली के प्रगति पब्लिक स्कूल से हासिल की है। इन दोनों परीक्षाओं में उनके नंबर क्रमश: 97.6 और 96.4 फीसद रहे। पहले ही प्रयास में उन्होंने नीट जैसी सम्मानित देश स्तरीय परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया। एम्स दिल्ली से एमबीबीएस करने के बाद उनकी इच्छा न्यूरो सर्जरी में शोध करने की है।
कार्यक्रम में सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव आरके तिवारी समेत शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।