प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के 1.59 करोड़ से अधिक बच्चों को कोटेदार के माध्यम से लॉकडाउन अवधि का मिड-डे-मील का राशन देगी। इसके अलावा इसे पकाने के लिए निर्धारित लागत का भी नकद भुगतान अभिभावकों के बैंक खाते में किया जाएगा।
प्राथमिक विद्यालय के हर विद्यार्थी को 24 मार्च से 30 जून तक 76 दिन का 7.600 किलो राशन और 374 रुपये कुकिंग लागत, उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को 11.400 किलो अनाज और 561 रुपये कुकिंग लागत दी जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया।
प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.59 करोड़ से अधिक और 3045 सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी पांच लाख से अधिक विद्यार्थी अध्यनरत हैं। कोरोना के चलते प्रदेश में मार्च के चौथे सप्ताह से ही स्कूल बंद कर दिए गए थे। तब से स्कूलों में मिड डे मील का वितरण बंद हैं।
प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी को 100 ग्राम और उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी को 150 ग्राम अनाज प्रतिदिन मिड डे मिल के लिए निर्धारित है। इसी प्रकार 1 अप्रैल 2020 से प्राथमिक विद्यालय के हर विद्यार्थी के मिड डे मील की कुकिंग लागत 4.97 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी के लिए 7.45 रुपये प्रतिदिन कुकिंग तय हुई है। पहले प्राथमिक विद्यालय में 4.48 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 6.71 रुपये प्रति विद्यार्थी कुकिंग लागत मिलती थी।