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यूपी के प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को राशन और कुकिंग लागत देगी योगी सरकार, प्रधानाध्यापक जारी करेंगे वाउचर

Sat, 30 May 2020 11:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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फाइल फोटो
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प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के 1.59 करोड़ से अधिक बच्चों को कोटेदार के माध्यम से लॉकडाउन अवधि का मिड-डे-मील का राशन देगी। इसके अलावा इसे पकाने के लिए निर्धारित लागत का भी नकद भुगतान अभिभावकों के बैंक खाते में किया जाएगा। 
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प्राथमिक विद्यालय के हर विद्यार्थी को 24 मार्च से 30 जून तक 76 दिन का 7.600 किलो राशन और 374 रुपये कुकिंग लागत, उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को 11.400 किलो अनाज और 561 रुपये कुकिंग लागत दी जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया।

प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.59 करोड़ से अधिक और 3045 सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी पांच लाख से अधिक विद्यार्थी अध्यनरत हैं। कोरोना के चलते प्रदेश में मार्च के चौथे सप्ताह से ही स्कूल बंद कर दिए गए थे। तब से स्कूलों में मिड डे मील का वितरण बंद हैं। 
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प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी को 100 ग्राम और उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी को 150 ग्राम अनाज प्रतिदिन मिड डे मिल के लिए निर्धारित है। इसी प्रकार 1 अप्रैल 2020 से  प्राथमिक विद्यालय के हर विद्यार्थी के मिड डे मील की कुकिंग लागत 4.97 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी के लिए 7.45 रुपये प्रतिदिन कुकिंग तय हुई है। पहले प्राथमिक विद्यालय में 4.48 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 6.71 रुपये प्रति विद्यार्थी कुकिंग लागत मिलती थी।  
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प्रधानाध्यापक जारी करेंगे वाउचर

बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के मुताबिक 24 मार्च से 30 जून तक रविवार का साप्ताहिक अवकाश और इस अवधि के अन्य राजकीय अवकाश छोड़कर कुल 76 दिन का राशन और कुकिंग लागत का भुगतान किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक राशन के लिए वाउचर जारी करेंगे। उसके आधार पर कोटेदार से स्कूल में अभिभावकों को राशन वितरण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 से 31 मार्च तक पुरानी दर और एक अप्रैल से 30 जून तक नई दर से कुकिंग लागत का भुगतान अभिभावकों के बैंक खाते में किया जाएगा। 

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी को प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से स्कूल के प्रधानाध्यापक को बच्चों का डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाध्यापक प्रत्येक विद्यार्थी के नाम के आगे माता पिता का नाम, उनका बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड, बैंक का नाम और अभिभावक का मोबाइल नंबर अंकित कर कुकिंग लागत बैंक खाते में जमा कराएंगे।
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