योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में संकल्प पत्र के वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। योगी 2.0 सरकार ने अपने पहले बजट में संकल्प पत्र की 97 घोषणाओं को शामिल किया है। इन्हें अमलीजामा पहनाने के लिए लगभग 55 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र और किसानों की बेहतरी के साथ-साथ विकास को रफ्तार देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बजट समग्र विकास पर जोर देते हुए सभी वर्र्गों को खुश करने की कोशिश की है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का भी ध्यान रखा गया है। बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के नजरिये से सड़क नेटवर्क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को रफ्तार देने की मंशा जताते हुए धनराशि का प्रावधान किया है।
कहां से मिलेगा कितना राजस्व
जीएसटी : 1,24,477 करोड़
आबकारी शुल्क : 49,152 करोड़
स्टांप एवं पंजीकरण : 29,692 करोड़
वाहन कर : 10,887 करोड़
ऐसे बढ़ा योगी सरकार के बजट का आकार
वर्ष धनराशि (करोड़ रुपये में) वृद्धि (प्रतिशत)
2017-18 3,84,659.71 10.87
2018-19 4,28,384.52 11.36
2019-20 4,79,701.10 11.97
2020-21 5,12,860.72 06.46
2021-22 5,50,270.78 07.29
2022-23 6,15,518.97 11.86
अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चुनाव संकल्प पत्र के वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। संकल्प पत्र की 97 घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए बजट में 54,883 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें 44 नई योजनाएं हैं। पूरे बजट में उत्तर प्रदेश के समग्र विकास पर भी जोर दिया गया है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार की रफ्तार तेज करने के साथ ही गांवों, किसानों, महिलाओं, युवाओं को भी तवज्जो दी गई है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में वर्ष 2022-23 के लिए 6,15,518.97 करोड़ का बजट पेश किया। इसमें 39,181.10 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल हैं। बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के नजरिये से सड़क नेटवर्क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को रफ्तार देने की मंशा है तो स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का भी ध्यान रखा गया है। बजट के जरिये सरकार ने धर्म-संस्कृति व पयर्टन विकास के अपने एजेंडे को भी आगे बढ़ाने की मंशा जताई है। खास बात यह है िक बजट में सरकार ने सभी क्षेत्रों को कुछ न कुछ सौगात देकर क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। निजी नलकूपों के बिजली बिल में 50 फीसदी की छूट जारी रहेगी। वहीं, सड़कों व पुलों के लिए पीडब्ल्यूडी के लिए 31658 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बजट भी योगी सरकार के तमाम संकल्पों को पूरा नहीं कर पाया है। वित्त मंत्री ने जिन संकल्पों को पूरा करने का साहस दिखाया, उनमें से कई में वादे के मुताबिक बजट बंदोबस्त नहीं कर पाए हैं। किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, उच्च शिक्षा हासिल करने वाली मेधावी बेटियों को मुफ्त स्कूटी व बुजुर्ग महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा जैसी सुविधाओं के लिए इंतजार बढ़ गया है।
सरकार ने जोर देकर बताया कि उसने गत विधानसभा चुनाव के दौरान लोक कल्याण संकल्प पत्र में किए गए वादों में से 97 को शामिल कर लिया है। इनमें 44 नई योजनाएं हैं। इन वादों पर अमल के लिए 54,883 करोड़ रुपये का बंदोबस्त भी किया गया है। मगर, बजट पड़ताल से पता चलता है कि सबसे बड़ा बजट भी तमाम वर्गों से किए गए वादों पर अमल का रास्ता नहीं निकाल पाया।
मसलन, संकल्प पत्र का पहला वादा था, अगले पांच वर्षों में सभी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली दी जाएगी। इसी तरह कॉलेज जाने वाली मेधावी छात्राआें को रानी लक्ष्मी बाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी व 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई थी। चुनाव में सर्वाधिक प्रचारित इन तीनों वादों के लिए बजट में पैसे का बंदोबस्त नहीं हो सका।