मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 को मंजूरी दे दी है। अब मानसून के दौरान सूर्यास्त के बाद नौका संचालन की अनुमति नहीं होगी। केवल बचाव व खोज कार्य में जुड़ी नौकाओं का ही संचालन हो सकेगा। यदि किसी आपात स्थिति में रात में नौका संचालन अनिवार्य होगा तो विशेष प्रकाश व्यवस्था करनी होगी। नाव दुर्घटना में मृत्यु पर मृतक परिजनों को राज्य आपदा मोचक निधि से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पहले की तरह मिलती रहेगी।
सरकार नाव दुर्घटना होने पर राहत व बचाव कार्यों में विशेष कौशल प्रदर्शित करने वाले व्यक्तियों, नाविकों व गोताखोरों को पुरस्कृत करेगी। खोज व बचाव कार्य में लगे लोगों की मृत्यु हुई तो उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा सुरक्षित नौका संचालन व नाव दुर्घटना के नियंत्रण के लिए मल्लाहों को कई तरह की सुविधा, प्रशिक्षण व प्रोत्साहन देने का फैसला किया गया है।
राजस्व विभाग नाव दुर्घटना के बचाव व प्रबंधन के लिए मॉक ड्रिल कराएगा तथा उपकरणों की उपलब्धता, जागरूकता, प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रबंध करेगा। बड़े धार्मिक स्नानों, मेलों के दौरान नौकाओं व नौका घाटों की जांच होगी।
प्रदेश में प्रति वर्ष नाव दुर्घटना से काफी संख्या में लोगों की मृत्यु हो जाती है। अप्रैल-2019 से अगस्त-2020 के बीच 41 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। प्रदेश में नाव दुर्घटना रोकने व बचाव को लेकर अब तक कोई नीति नहीं थी। नीति में नाव संचालन को लेकर विस्तृत एसओपी भी तैयार की गई है।
नीति के क्रियान्वयन के लिए तीन स्तरीय समिति
इस नीति पर अमल के लिए जिला स्तर पर डीएम, तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में तथा ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान व लेखपाल की संयुक्त समिति बनाने का प्रावधान किया गया है। ये समितियां मल्लाहों को प्रशिक्षण, प्रोत्साहन, व रोजगार दिलाने के संबंध में कार्यवाही करेंगी। वहीं, राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण इनका मार्गदर्शन करेगा।